स्वास्थ्य विभाग के फर्जी अफसर बनकर उगाही करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 3 गिरफ्तार
मण्डला जिले के नैनपुर में स्वास्थ्य विभाग के फर्जी अधिकारी बनकर अवैध वसूली करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मध्य प्रदेश के मंडला जिले से पुलिस ने एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो 'मध्य प्रदेश शासन' लिखी गाड़ी से गांव-गांव पहुंचकर खुद को स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी बताता था। यह गिरोह ग्रामीण क्षेत्रों में प्रैक्टिस करने वाले झोलाछाप डॉक्टरों को कानूनी कार्रवाई और छापेमारी का डर दिखाकर उनसे मोटी रकम वसूलता था। थाना नैनपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज होने के महज 24 घंटे के भीतर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है।
🚗 किराए की बोलेरो पर लिखवाया था 'मध्य प्रदेश शासन', योजना बनाकर देते थे ठगी को अंजाम
पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी के निर्देशन और एसडीओपी मनीष राज के मार्गदर्शन में गठित टीम द्वारा की गई पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। मुख्य आरोपी समीर पटेल ने अपने साथियों के साथ मिलकर मंडला निवासी एक व्यक्ति से बोलेरो वाहन (MP 51 CA 6240) को 30 हजार रुपये प्रतिमाह के किराए पर लिया था। इसके बाद वाहन पर आधिकारिक रूप से 'मध्य प्रदेश शासन' लिखवाकर तीनों आरोपी अधिकारी बनकर विभिन्न गांवों में छापेमारी और उगाही का खेल चला रहे थे।
⚖️ नैनपुर पुलिस ने आरोपियों को भेजा जेल, आम जनता और डॉक्टरों से पहचान की पुष्टि करने की अपील
पुलिस ने इस मामले में ग्राम नारा निवासी समीर पटेल (32), राजीव कॉलोनी मंडला निवासी भूपेंद्र बैरागी (31) और सिद्धांत पटेल (24) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इसके साथ ही नैनपुर पुलिस ने आम नागरिकों और डॉक्टरों से अपील की है कि किसी भी संदेहास्पद व्यक्ति के सरकारी अधिकारी होने का दावा करने पर तुरंत उसकी पहचान की पुष्टि करें और किसी भी प्रकार की अवैध वसूली की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।
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