रायसेन के जंगलों में महक उठा देसी सीताफल, नवरात्रि पर बढ़ी मांग से ग्रामीणों को मिल रहा बंपर रोजगार
रायसेन के जंगलों में प्राकृतिक रूप से उगने वाले देसी सीताफल की मांग नवरात्रि और फलाहार के चलते बढ़ गई है। इससे वनांचल के ग्रामीणों को बेहतरीन रोजगार मिल रहा है।
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के हरे-भरे जंगल इन दिनों प्राकृतिक सीताफल (कस्टर्ड एप्पल) की सोंधी खुशबू से महक रहे हैं। खेतों और बगीचों में रासायनिक खादों या हाइब्रिड तरीकों से तैयार होने वाले फलों की तुलना में जंगलों से आने वाले इस पूरी तरह देसी और प्राकृतिक फल की मांग बाजारों में काफी अधिक देखी जा रही है। वर्तमान में शारदीय नवरात्रि का पर्व होने के कारण भगवान को भोग लगाने और फलाहार के रूप में लोग इसे हाथों-हाथ खरीद रहे हैं। रायसेन के स्थानीय बाजारों से लेकर राजधानी भोपाल की करोद मंडी और अन्य अंतर्राज्यीय मंडियों तक बाड़ी के सीताफल की जबरदस्त आपूर्ति की जा रही है।
💰 वनांचल के ग्रामीणों और आदिवासियों के लिए वरदान बना सीजन: प्रतिदिन हो रही अच्छी कमाई
सीताफल के इस सीजन ने बाड़ी और आसपास के वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासियों और ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए द्वार खोल दिए हैं। ग्रामीण सुबह तड़के ही जंगलों से ताजे और पके हुए सीताफल चुनकर लाते हैं और मुख्य सड़कों व स्थानीय बाजारों में बेचते हैं। स्थानीय संग्राहक खेमचंद बताते हैं कि जंगल से सीताफल लाकर बेचने पर उन्हें रोजाना अच्छी-खासी आमदनी हो जाती है। विकासखंड बाड़ी के बाड़ीकलां क्षेत्र में लगभग 100-120 किसान बड़े पैमाने पर इसकी खेती कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र के कृषि और वानिकी आजीविका को बड़ा संबल मिल रहा है।
🍦 स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद: आइसक्रीम और फूड इंडस्ट्री में भी हाथों-हाथ ले रही हैं कंपनियां
उद्यानिकी विभाग की संचालक नीलम पाटिल ने बताया कि बाड़ी के जंगलों और क्षेत्रों में पैदा होने वाला यह सीताफल पूरी तरह से ऑर्गेनिक और न्यूट्रिएंट्स से भरपूर होता है। इसमें विटामिन-सी, फाइबर, पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत रखते हैं। साल के कुछ ही समय मिलने वाले इस फल को प्रिजर्व करके खीर, विभिन्न खाद्य उत्पादों और प्रमुख रूप से आइसक्रीम व मिल्क शेक उद्योगों में बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है, जिससे किसानों और संग्राहकों को उनकी उपज के बेहतरीन दाम मिल रहे हैं।
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