मातृ फाउंडेशन की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट सख्त, सड़क हादसों को लेकर प्रशासन पर उठे सवाल

इंदौर-देवास बायपास की बदहाली और एनएचएआई की लापरवाही को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। याचिका में सड़क के गड्ढों और खराब ड्रेनेज को सुधारने की मांग की गई है।

Oct 15, 2026 - 11:16
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मातृ फाउंडेशन की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट सख्त, सड़क हादसों को लेकर प्रशासन पर उठे सवाल

इंदौर। इंदौर-देवास बायपास की लगातार बनी हुई बदहाली और खस्ताहाल स्थिति को लेकर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (High Court) में चल रही जनहित याचिका पर बुधवार को महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को अवगत कराया गया कि बीते 11 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान भी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की भारी लापरवाही का मुद्दा उठाया गया था, जिसके चलते बायपास पर लगातार भीषण हादसे हो रहे हैं। अदालत के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद एनएचएआई अधिकारियों द्वारा सड़क सुधार के पुख्ता कदम नहीं उठाए गए, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है और हाल ही में हुए एक हादसे में महिला की जान चली गई।

⚖️ 2021 से लंबित है मातृ फाउंडेशन की जनहित याचिका: बड़े गड्ढे, टूटी सर्विस रोड और खराब स्ट्रीट लाइट बनी हादसों की वजह

गौरतलब है कि इंदौर-देवास बायपास की बदहाली को सुधारने के लिए मातृ फाउंडेशन की ओर से अधिवक्ता अमय बजाज द्वारा वर्ष 2021 में हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई थी। इस याचिका में बायपास पर मौजूद जानलेवा बड़े-बड़े गड्ढों, टूटी-फूटू सर्विस रोड, खुले ड्रेनेज सिस्टम, जलभराव की समस्या, खराब स्ट्रीट लाइट, दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स, अव्यवस्थित ट्रैफिक और गलत डिजाइन को दुरुस्त करने के तमाम महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। अदालत के कड़े रुख के बाद अब प्रशासन और एनएचएआई पर दबाव और अधिक बढ़ गया है।

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