बिना में नकली डीएपी खाद बेचने का भंडाफोड़, प्रशासन ने 20 बोरियां जब्त कर सैंपल जांच को भेजे
सागर जिले के बीना के पड़रिया गांव में प्रशासन ने छापामार कार्रवाई कर 20 बोरियां नकली डीएपी खाद जब्त की है। मामले की जांच की जा रही है।
सागर। एक तरफ जहां अन्नदाता किसान खाद की किल्लत और लंबी लाइनों से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ मुनाफाखोर नकली खाद बेचकर किसानों की मेहनत पर डाका डाल रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सागर जिले के बीना से सामने आया है, जहां प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छापामारी की। नायब तहसीलदार हेमराज मेहर और कृषि विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने पड़रिया गांव में दबिश देकर 20 बोरियां नकली डीएपी खाद बरामद की है। टीम ने मौके से खाद के नमूने (सैंपल) लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं।
🔍 शिकायत मिलने पर की गई छापामार कार्रवाई: आरोपी किसान नहीं दे सका संतोषजनक जवाब
क्षेत्र के कई किसानों ने प्रशासन को शिकायत दी थी कि कुछ लोग चुपचाप नकली खाद बेच रहे हैं। इसी शिकायत के आधार पर टीम ने पड़रिया गांव निवासी सुरेंद्र सिंह ठाकुर के घर पर छापा मारा और वहां से खाद की 20 बोरियां जब्त कीं। जब अधिकारियों ने अपने स्तर पर बोरी खोलकर जांच की, तो खाद नकली होना पाया गया। नायब तहसीलदार हेमराज मेहर ने बताया कि आरोपी से उसकी जमीन और खाद की खरीद-फरोख्त से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका और जानकारी छुपाता रहा।
📢 किसानों ने की थी शिकायत: रिपोर्ट आने के बाद होगी कड़ी कार्रवाई
मालखेड़ी गांव के किसान अरविंद दुबे, कलरवानी के प्रभु साहू, राजेंद्र प्रसाद साहू, जानकी प्रसाद साहू और अकरम कुरैशी ने प्रशासन को बताया था कि कुरुआ गांव के रहने वाले रोहित राय ने उन्हें डीएपी के नाम पर नकली खाद बेची है, जिसके बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई। भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष अनुरुद्ध सिंह ने भी क्षेत्र में खाद की भारी किल्लत और कालाबाजारी पर चिंता जताई है। बीना के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अवधेश राय ने बताया कि लैब से जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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