महाकाल की नगरी उज्जैन से 21 अक्टूबर से शुरू होगी दिग्विजय सिंह की 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा'

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह उज्जैन से 21 अक्टूबर से 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' की शुरुआत करेंगे। यात्रा के बाद ईवीएम पर भी बड़ा खुलासा करने का दावा किया है।

Oct 15, 2026 - 20:53
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महाकाल की नगरी उज्जैन से 21 अक्टूबर से शुरू होगी दिग्विजय सिंह की 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा'

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अपनी आगामी 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' के जरिए एक बार फिर राजनीतिक मैदान में सक्रिय नजर आने वाले हैं। इस यात्रा के पहले चरण का रूट चार्ट और पूरा प्लान तैयार कर लिया गया है। यह यात्रा महाकाल की नगरी उज्जैन से विजयदशमी के पावन पर्व पर शिवलिंग निर्माण और विशेष पूजन-अर्चन के साथ 21 अक्टूबर की सुबह से आरंभ होगी। दिग्विजय सिंह ने इस पूरी यात्रा की जानकारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को पहले ही दे दी है, हालांकि जब उनसे यह पूछा गया कि क्या इस यात्रा में राहुल गांधी भी शामिल होंगे, तो उन्होंने फिलहाल इससे इंकार किया है। इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया है कि यात्रा संपन्न होने के बाद वे एक्सपर्ट्स के जरिए ईवीएम में गड़बड़ी और वोट चोरी के तरीकों का लाइव डेमो भी पेश करेंगे।

🚶‍♂️ दैनिक शेडूल: दो सत्रों में होगी 15 किमी पदयात्रा, रात्रि विश्राम के दौरान होंगे भजन-कीर्तन

राजधानी भोपाल में पत्रकारों से चर्चा करते हुए दिग्विजय सिंह ने बताया कि महाकाल की नगरी से शुरू होने वाली यह यात्रा प्रतिदिन सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक और फिर दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी। पहले सत्र में वे लगभग 9 किलोमीटर की पदयात्रा करेंगे, जिसके बीच में 3 किलोमीटर पर अल्प विराम, चाय और नाश्ते का समय तय किया गया है। पहले सत्र के बाद दोपहर का भोजन होगा और शाम के सत्र में 6 किलोमीटर की अतिरिक्त पैदल यात्रा की जाएगी। जिस भी गांव में रात्रि विश्राम होगा, वहाँ शाम के वक्त स्थानीय लोगों के साथ भजन-कीर्तन और संभव हुआ तो रामलीला का भी मंचन आयोजित किया जाएगा।

⚖️ ईवीएम की टेस्टिंग और सीहोर के आदिवासी विस्थापन पर गरमाई सियासत

चुनाव आयोग और एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका का जिक्र करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि मतदाता सूची से नाम काटने का अधिकार ईआरओ का होता है, लेकिन आयोग ने अवैधानिक सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया है। यात्रा के बाद आईआईटी के तकनीकी विशेषज्ञों के साथ वे ईवीएम की कार्यप्रणाली को लेकर भी बड़ा खुलासा करेंगे। वहीं, सीहोर जिले में आदिवासियों के विस्थापन और जंगलों में अवैध कब्जों के मामलों पर बोलते हुए उन्होंने मांग की है कि 2004 से अब तक के बुधनी क्षेत्र के अतिक्रमण मामलों की जांच के लिए एक विशेष आयोग का गठन किया जाना चाहिए और भूमिहीनों को उजाड़ने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

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