जीवनदायिनी नर्मदा का घट रहा जलस्तर, ओंकारेश्वर में 16 मीटर गिरा पानी; इंदौर और 16 जिलों की बढ़ी चिंता
मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान की जीवनदायिनी नर्मदा का जलस्तर तेजी से घट रहा है। ओंकारेश्वर में पानी 16 मीटर कम होने से इंदौर समेत 16 जिलों में संकट के बादल।
मध्य प्रदेश के साथ-साथ गुजरात और राजस्थान के बड़े हिस्से में पेयजल, सिंचाई और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाली जीवनदायिनी नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से गिर रहा है। मानसून की विदाई के तुरंत बाद ओंकारेश्वर में स्थिति यह है कि कुछ ही दिनों के भीतर जलस्तर 16.42 मीटर तक घट गया है, जिससे भविष्य में नर्मदा जल की उपलब्धता को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा हो गई हैं। मध्य प्रदेश के कुल 16 जिले सीधे तौर पर नर्मदा के पानी पर निर्भर हैं, जिनमें इंदौर, जबलपुर, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन, बड़वानी और महेश्वर जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं। इसके अलावा, पड़ोसी राज्यों के 165 से अधिक कस्बों और कृषि क्षेत्रों की प्यास भी इसी नदी से बुझती है।
⚡ जलूद पंपिंग स्टेशन का जलस्तर 152 से घटकर 190 मीटर पर पहुँचा, पंपिंग क्षमता में 30% की भारी गिरावट
मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर के जलूद स्थित जिस मुख्य पंपिंग स्टेशन से पानी खींचकर इंदौर शहर को भेजा जाता है, वहाँ का जलस्तर 152 मीटर से लुढ़क कर सीधे 140 मीटर पर पहुँच गया है। सामान्य तौर पर अक्टूबर के महीने में यह जलस्तर 157.29 मीटर के आसपास होना चाहिए था, जो सामान्य स्तर से 16.42 मीटर कम है। इस स्थिति के चलते नर्मदा का पानी खींचने वाले पंपिंग स्टेशनों की क्षमता में 30 प्रतिशत तक की गिरावट आ चुकी है। जानकारों का मानना है कि यदि जलस्तर में यह गिरावट जारी रही, तो पंपिंग स्टेशन पूरी तरह बंद हो सकते हैं, जिससे एनवीडीए (NVDA) के लिए सिंचाई और पेयजल दोनों की आपूर्ति करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।
🏗️ अमृत-2 योजना और भविष्य की परियोजनाओं पर संकट के बादल, जिम्मेदार विभाग बने हैं मौन
इंदौर शहर की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार की 'अमृत-2 योजना' के तहत 1356 करोड़ रुपये की लागत से नर्मदा के चौथे चरण की शुरुआत की गई है, जिसके जरिए 2050-2055 तक करीब 65 लाख आबादी के लिए 400 से 450 एमएमएलडी पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। हालांकि, अभी से जलस्तर में आ रही भारी गिरावट के कारण इन बड़ी परियोजनाओं के औचित्य पर भी सवाल उठने लगे हैं। दूसरी ओर, नर्मदा विकास प्राधिकरण के आंकड़े बताते हैं कि महेश्वर में डेंजर लेवल 162.76 मीटर की तुलना में पानी गिरकर 146.60 मीटर तक आ चुका है। इस बीच, इंदौर नगर निगम के जल कार्य विभाग के प्रभारी अभिषेक बबलू शर्मा ने आश्वस्त किया है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और अमृत योजना के तहत भविष्य की जरूरतों का पूरा आंकलन किया गया है।
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