टीही-धार रेल रूट पर दिखेंगी बाघ गुफाएं और जहाज महल की पेंटिंग्स, अक्टूबर 2026 तक पूरा होगा प्रोजेक्ट
इंदौर-दाहोद नई रेल परियोजना के अंतर्गत टीही-धार रेलखंड का काम अक्टूबर 2026 तक पूरा होगा। पीथमपुर, सागोर, गुनावद और धार स्टेशनों को स्थानीय कला से सजाया गया है।
मध्य प्रदेश की अतिमहत्वाकांक्षी इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना अब आकार लेती दिखाई दे रही है। यह रेल परियोजना न केवल पहली बार प्रदेश के दूरस्थ आदिवासी अंचलों तक रेल कनेक्टिविटी पहुँचा रही है, बल्कि इसके अंतर्गत बनकर तैयार हो रहे रेलवे स्टेशनों पर स्थानीय कला, संस्कृति और समृद्ध इतिहास की अनोखी झलक भी देखने को मिल रही है। पश्चिम रेलवे द्वारा चलाए जा रहे इस प्रोजेक्ट के तहत टीही से धार के बीच लगभग 47 किलोमीटर लंबे रेलखंड का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है, जिसे इसी महीने अक्टूबर 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
🎨 रेलवे स्टेशनों पर जीवंत हो रही धार और मांडव की विरासत: पीथमपुर से लेकर सागोर स्टेशन तक उकेरी जा रही पेंटिंग्स
रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) मुकेश कुमार ने बताया कि टीही-धार रेलखंड के अंतर्गत आने वाले पीथमपुर, सागोर, गुनावद और धार रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ-साथ आकर्षक स्वरूप दिया जा रहा है। स्थानीय कलाकारों द्वारा स्टेशनों की बाहरी दीवारों, प्रतीक्षालयों (Waiting Rooms) और प्लेटफॉर्मों पर क्षेत्रीय इतिहास से जुड़े चित्र बनाए जा रहे हैं। उदाहरण के लिए, पीथमपुर स्टेशन पर औद्योगिक विकास की पेंटिंग्स बनाई जा रही हैं, जबकि सागोर स्टेशन पर मांडव का विश्व प्रसिद्ध 'जहाज महल' और धार की ऐतिहासिक 'बाघ की गुफाओं' से प्रेरित गौतम बुद्ध के सुंदर चित्र यात्रियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।
🚇 3 किलोमीटर लंबी टनल में बैलास्टलेस ट्रैक बिछा, 96% विद्युतीकरण और सिग्नलिंग का काम पूरा
परियोजना की तकनीकी प्रगति की जानकारी देते हुए रेलवे अधिकारियों ने बताया कि टीही के समीप निर्माणाधीन लगभग 3 किलोमीटर लंबी रेल सुरंग (Tunnel) का कार्य पूरा कर लिया गया है। इस टनल के भीतर 2,957 मीटर की लंबाई में अत्याधुनिक बैलास्टलेस ट्रैक बिछाने का काम भी सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है। इसके अलावा, पूरे रूट पर सिग्नलिंग और विद्युतीकरण (Electrification) का काम 96 प्रतिशत से अधिक पूरा हो गया है। टनल के दोनों ओर ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) पोल लगाए जा चुके हैं। जल्द ही कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) द्वारा निरीक्षण कराया जाएगा, जिसके बाद इस रूट पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो सकेगा।
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