उज्जैन में आज होगी पारंपरिक नगर पूजा, 2100 साल पुरानी परंपरा के तहत 27 किमी मार्ग पर लगेगी मदिरा की धार
उज्जैन में सोमवार को पारंपरिक नगर पूजा का आयोजन। सम्राट विक्रमादित्य के समय की 2100 साल पुरानी परंपरा के तहत 27 किमी मार्ग पर लगाई जा रही मदिरा की धार।
उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में सोमवार को शहर की सुख-समृद्धि, खुशहाली और सुरक्षा की कामना के साथ पारंपरिक नगर पूजा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। करीब 2100 वर्ष प्राचीन इस ऐतिहासिक परंपरा के अंतर्गत लगभग 27 किलोमीटर लंबे नगर पूजा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर मदिरा की धार अर्पित की जा रही है। शहर के प्रमुख देवी और भैरव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना कर नगर की रक्षा और मंगल की प्रार्थना की जा रही है, जिसमें प्रशासन और शहरवासी पूरी श्रद्धा के साथ शामिल हो रहे हैं।
👑 सम्राट विक्रमादित्य के काल से जुड़ी है परंपरा: सिंधिया रियासत से होते हुए आज भी शासन द्वारा किया जा रहा है निर्वहन
ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, इस अनूठी परंपरा की शुरुआत महान सम्राट विक्रमादित्य ने उज्जैन नगर की रक्षा और समृद्धि के लिए की थी। उनके काल के बाद कालांतर में सिंधिया रियासत ने इस प्राचीन परंपरा को आगे बढ़ाया। वहीं, देश की स्वतंत्रता के बाद से अब तक शासन और जिला प्रशासन द्वारा इस ऐतिहासिक नगर पूजा की परंपरा का अनवरत रूप से निर्वहन किया जा रहा है, जो उज्जैन की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का एक अहम हिस्सा है।
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