हादसे में देवदूत बनी सांतऊ आयरन खदान की मशीनें, जेसीबी और पोकलेन से निकाले गए दबे लोग
ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसे में देवदूत बनी सांतऊ आयरन खदान की मशीनें। जेसीबी और पोकलेन की मदद से ट्रक के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला गया।
ग्वालियर। ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण ट्रक हादसे के दौरान जहां हर तरफ चीख-पुकार मची थी और लोग जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे थे, वहीं ग्राम सांतऊ की आयरन खदान का अमला पीड़ितों के लिए फरिश्ता बनकर पहुंचा। हादसे की सूचना मिलते ही खदान की जेसीबी और पोकलेन मशीनों को तुरंत मौके पर रवाना किया गया, जिनकी मदद से भारी-भरकम ट्रक को उठाकर उसके नीचे दबे श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने में बड़ी सफलता मिली।
⏱️ महज 49 सेकंड में मौके पर पहुंची मशीनें: सतेंद्र सिंह और ऑपरेटर प्रिंस कुमार की तत्परता से बचाई गई कई जिंदगी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सांतऊ निवासी सतेंद्र सिंह जो कि खदान में कार्यरत हैं, हादसे की सूचना मिलते ही तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस के साथ मिलकर रास्ता तैयार करवाया और खदान से तुरंत भारी मशीनें मंगवाईं। खदान के जेसीबी ऑपरेटर प्रिंस कुमार प्रजापति ने असाधारण तत्परता दिखाते हुए सूचना मिलने के महज 49 सेकंड के भीतर अपनी मशीन लेकर घटनास्थल पर मोर्चा संभाल लिया। उनकी इस त्वरित सूझबूझ और बहादुरी के चलते राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू हो सका, जिसकी हर कोई सराहना कर रहा है।
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