छिंदवाड़ा नगर निगम का बड़ा नवाचार, केंद्रीय मंत्रालय की बुकलेट में शामिल हुई 'पुष्प की अभिलाषा'
छिंदवाड़ा नगर निगम की 'पुष्प की अभिलाषा' पहल को मिली राष्ट्रीय पहचान। मंदिरों से निकलने वाले फूलों और सामग्री से बनाई जा रही जैविक खाद।
छिंदवाड़ा। स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में छिंदवाड़ा नगर पालिक निगम की अभिनव पहल ‘पुष्प की अभिलाषा’ ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशेष छाप छोड़ी है। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा प्रकाशित राष्ट्रीय बुकलेट में इस सफल मॉडल को स्थान दिया गया है, जो पूरे शहर और मध्य प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। छिंदवाड़ा नगर निगम कमिश्नर चंद्रप्रकाश राय ने बताया कि इस पहल के तहत शहर के विभिन्न मंदिरों और धार्मिक स्थलों से निकलने वाले पूजा के फूल, मालाओं और पत्तियों को एकत्रित कर उनका व्यवस्थित प्रसंस्करण किया जा रहा है, जिससे कचरा प्रबंधन सुगम हो गया है।
🚜 विशेष कलेक्शन गाड़ी से एकत्र किए जा रहे हैं मंदिर के फूल: कचरे और जल प्रदूषण से मुक्ति के साथ बन रही जैविक खाद
नगर निगम के महापौर विक्रम अहिके ने बताया कि धार्मिक स्थलों से निकलने वाली जैविक सामग्री को सीधे कचरे में फेंकने या नदियों व जल स्रोतों में प्रवाहित करने के बजाय वैज्ञानिक तरीके से खाद में बदला जा रहा है। इस कार्य के लिए नगर निगम ने एक विशेष कलेक्शन गाड़ी भी तैयार की है, जिस पर सुंदर रंगों से 'पुष्प की अभिलाषा' लिखा गया है। यह वाहन सिर्फ मंदिरों से निकलने वाले फूल और पूजा सामग्री को एकत्र करता है। केंद्रीय मंत्रालय की बुकलेट में स्थान मिलना इस बात का प्रमाण है कि छिंदवाड़ा का यह लोकल मॉडल देश के अन्य शहरी निकायों के लिए भी प्रेरणास्रोत और फायदे का सौदा बन सकता है।
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