शरद पूर्णिमा की चांदनी में सजी भेड़ाघाट की संगमरमरी वादियां, स्थानीय कलाकारों को भी मिला मंच
जबलपुर के भेड़ाघाट में आयोजित दो दिवसीय नर्मदा महोत्सव का शानदार समापन हुआ। गायिका ऋचा शर्मा और अरुणिता कांजीलाल के गीतों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
जबलपुर। शरद पूर्णिमा की दूधिया चांदनी, नर्मदा की पावन लहरें और संगमरमरी चट्टानों के बीच दो दिनों तक सुर और संस्कृति की अनूठी छटा बिखरी। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट में आयोजित 'नर्मदा महोत्सव' का समापन भक्ति संगीत, लोक कला और शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को कार्यक्रम की शुरुआत त्रिभंग कला अकादमी की कौतुकी उपाध्याय की शिव स्तुति पर आधारित मनमोहक कथक प्रस्तुति से हुई, जिसके बाद महाराष्ट्र की शिवमुद्रा संस्था के कलाकारों ने ऊर्जावान ढोल-ताशा प्रस्तुति से पूरे माहौल में जोश भर दिया।
🎤 अरुणिता कांजीलाल और ऋचा शर्मा की गायकी ने बांधा समां: स्थानीय कलाकारों की जुगलबंदी ने जीता दर्शकों का दिल
इंडियन आइडल फेम अरुणिता कांजीलाल ने 'ऐ गिरि नंदिनी', 'राम सियाराम' और 'सत्यम शिवम सुंदरम' जैसे भजनों व गीतों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। इसके बाद प्रख्यात पार्श्व गायिका ऋचा शर्मा ने 'सोनिया वे रांझणा वे' और 'माही वे' जैसे लोकप्रिय गीतों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान स्थानीय कलाकार मीरा जैन ने भी ऋचा शर्मा के साथ मंच साझा किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। समापन समारोह में ऑनलाइन जुड़े लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने नर्मदा महोत्सव को प्रदेश की आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक बताया। इस बार शास्त्रीय नृत्य, लोक संस्कृति और सूफी संगीत के अद्भुत संगम ने भेड़ाघाट की खूबसूरती में चार चांद लगा दिए।
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