छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के आईसीयू में वॉर्मर मशीन में लगी आग, तीन नवजात झुलसे
छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के एनआईसीयू (NICU) में वॉर्मर मशीन में आग लगने से तीन नवजात बच्चे झुलस गए हैं। गंभीर हालत में उन्हें जबलपुर रेफर किया गया है।
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिला अस्पताल से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में रखी वॉर्मर मशीन में अचानक आग लग गई। मशीन में हुई भारी स्पार्किंग के कारण लगी इस आग की चपेट में आने से वॉर्मर में रखे तीन नवजात बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। इस अचानक हुए हादसे से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और आनन-फानन में बच्चों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें तुरंत जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
⚡ वॉर्मर की हीटिंग यूनिट के फिलामेंट में हुई थी अचानक स्पार्किंग
इस संबंध में जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ. कंचन दुबे ने बताया कि जन्म के तुरंत बाद नवजात बच्चों के शरीर का सामान्य तापमान बनाए रखने और उनकी गहन देखभाल के लिए उन्हें वॉर्मर मशीन में रखा जाता है। रात के समय अचानक वॉर्मर की हीटिंग यूनिट के फिलामेंट में शॉर्ट सर्किट और स्पार्किंग हुई, जिसके चलते उसमें आग भड़क उठी। आग की चपेट में आने से वार्मर में मौजूद तीनों नवजात गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के तुरंत बाद ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने बच्चों को जलती हुई मशीन से बाहर निकाला और उनका आपातकालीन उपचार शुरू किया।
🏥 एक नवजात की स्थिति गंभीर, पीडियाट्रिक सर्जन न होने के कारण किया गया बाहर ट्रांसफर
हादसे के बाद बच्चों की नाज़ुक हालत को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने कोई जोखिम नहीं लिया और तीनों नवजातों को दो विशेष डॉक्टरों की निगरानी में एम्बुलेंस के जरिए तुरंत जबलपुर रेफर कर दिया गया। सिविल सर्जन के मुताबिक, तीनों बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए यह कदम उठाया गया है। इनमें से एक बच्चे की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है, जिसे तुरंत सर्जरी की आवश्यकता है। चूंकि छिंदवाड़ा में फिलहाल पीडियाट्रिक सर्जन उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए बच्चे को जबलपुर भेजना पड़ा। इस गंभीर हादसे के बाद अब अस्पताल प्रबंधन ने घटना के असल कारणों की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है।
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