जामघाट पर टला बड़ा हादसा, ब्रेक फेल होने के बाद खाई में लटकी 51 स्टूडेंट्स से भरी बस
इंदौर के जामघाट पर ब्रेक फेल होने के कारण 51 स्टूडेंट्स से भरी बस खाई में गिरने से बाल-बाल बची। ड्राइवर की सूझबूझ और ग्रामीणों की मदद से सभी सुरक्षित बाहर निकाले गए।
ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों के लिए कुख्यात इंदौर के जामघाट पर एक बड़ा और भीषण रोड एक्सीडेंट होते-होते टल गया। अचानक ब्रेक फेल हो जाने के कारण विद्यार्थियों से भरी एक अनियंत्रित बस गहरी खाई की तरफ बढ़ने लगी, लेकिन ड्राइवर की अद्भुत सूझबूझ और तत्परता के चलते बस खाई में गिरने से बाल-बाल बच गई। इस भयानक हादसे में बस में सवार 51 छात्र-छात्राओं और शिक्षिका की जान सुरक्षित बचा ली गई, जिससे एक बड़ा अनर्थ होने से टल गया।
🎓 कोपरगांव विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं शैक्षणिक भ्रमण पर जा रहे थे महेश्वर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के अहिल्यानगर (कोपरगांव) स्थित एक विश्वविद्यालय से 51 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों से भरी यात्री बस ओंकारेश्वर और आईआईटी इंदौर का शैक्षणिक भ्रमण पूरा करने के बाद महेश्वर की ओर जा रही थी। इसी दौरान जब बस जामघाट के खतरनाक और घुमावदार मोड़ पर पहुँची, तो अचानक उसके ब्रेक फेल हो गए और बस पूरी तरह बेकाबू हो गई। ढलान पर अनियंत्रित हुई बस घाट पर लगी लोहे की रेलिंग को तोड़ती हुई सीधे गहरी खाई की तरफ बढ़ने लगी, जिसे देखकर अंदर बैठे स्टूडेंट्स में चीख-पुकार मच गई।
🙏 ड्राइवर का साहस और देवदूत बने ग्रामीण: इमरजेंसी गेट से सुरक्षित निकाले गए सभी बच्चे
ऐन वक्त पर बस के ड्राइवर ने गजब का साहस दिखाते हुए वाहन को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की और सड़क किनारे मौजूद एक पत्थरों के टीले से बस को अटका दिया। यदि यह टीला नहीं होता, तो बस सीधे सैकड़ों फीट गहरी खाई में समा सकती थी। बस का अगला हिस्सा खाई के ऊपर झुक चुका था। आसपास मौजूद स्थानीय ग्रामीण अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत मौके पर दौड़े और देवदूत बनकर बिना देर किए बस का इमरजेंसी गेट खोला। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से सभी 51 स्टूडेंट्स व शिक्षिका को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना के बाद प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)