भारत के सर्विलांस बाजार में बड़ा बदलाव, STQC और सुरक्षा नियमों से स्वदेशी कंपनियों को मिल रही रफ्तार

भारत के 1.3 लाख करोड़ के सीसीटीवी बाजार में कड़े सुरक्षा नियमों की एंट्री। आदित्य इंफोटेक, डी-लिंक और प्राइजर विजटेक को मिल रहा फायदा।

Sep 22, 2026 - 20:16
0
भारत के सर्विलांस बाजार में बड़ा बदलाव, STQC और सुरक्षा नियमों से स्वदेशी कंपनियों को मिल रही रफ्तार

भारत का इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस (सीसीटीवी) बाजार केवल कैमरों की बढ़ती मांग से ही नहीं, बल्कि सरकार के कड़े सुरक्षा और डेटा गोपनीयता नियमों के कारण एक ऐतिहासिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है. वर्ष 2031 तक करीब 1.3 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान रखने वाले इस बाजार में अब सरकार ने केवल कैमरों की बिक्री के बजाय उनके अंदर की साइबर सुरक्षा और STQC (मानकीकरण परीक्षण और गुणवत्ता प्रमाणन) अनुपालन को अनिवार्य बना दिया है. सरकारी विभागों में बिना सर्टिफिकेशन वाले कैमरों की खरीद पर पाबंदी लगने से सस्ते असुरक्षित आयातित कैमरों का दबदबा खत्म हो रहा है, जिससे भारत में स्थानीय रूप से विनिर्माण करने वाली प्रमाणित कंपनियों के लिए करोड़ों रुपये के सरकारी व कॉर्पोरेट ऑर्डर का रास्ता साफ हो गया है.

🚀 2. कड़े नियम और स्मार्ट सर्विलांस की नई लहर, 1.3 लाख करोड़ रुपये के बाजार में साइबर-सिक्योर्ड उपकरण अनिवार्य

भारतीय सीसीटीवी बाजार वर्ष 2031 तक ₹1.3 लाख करोड़ के स्तर तक पहुंचने का अनुमान है और 2026 से 2031 के बीच यह सेक्टर 19.88% की सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) से विकसित होगा. मार्च 2026 के कड़े आदेश के तहत सरकार ने सभी सरकारी विभागों में गैर-प्रमाणित या निर्धारित सुरक्षा मानकों पर खरे न उतरने वाले सीसीटीवी उपकरणों की खरीद पर पूर्ण रोक लगा दी है. सरकारी और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में अब केवल हार्डवेयर ही नहीं, बल्कि उसका सॉफ्टवेयर, फर्मवेयर, सुरक्षा आर्किटेक्चर और सप्लाई चेन भी खरीद का मुख्य आधार बन चुके हैं, जिससे केवल STQC और BIS मानकों का पालन करने वाले उत्पाद ही बाजार में मान्य हैं.

📈 3. इन 3 स्वदेशी शेयरों को मिल रही सीधी रफ्तार: आदित्य इंफोटेक, डी-लिंक इंडिया और प्राइजर विजटेक का शानदार प्रदर्शन

सस्ते व अप्रमाणित विदेशी आयात पर लगाम लगने से कड़े मानकों को पूरा करने वाली भारतीय कंपनियों के कारोबार में भारी तेजी आई है. संगठित भारतीय वीडियो सर्विलांस बाजार में आदित्य इंफोटेक (AIL) की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 43.3% हो गई है और कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ ही हाई-मार्जिन प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही है. इसके अलावा, डी-लिंक इंडिया डेटा सेंटर स्विच और कम्प्लीट सर्विलांस ईकोसिस्टम के जरिए अपनी पकड़ मजबूत कर रही है, जबकि प्राइजर विजटेक अपने एसेट-लाइट बिजनेस मॉडल और गांधीनगर विनिर्माण हब के माध्यम से बुनियादी ढांचा और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स के इस दौर में लगातार आगे बढ़ रही है.

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User