NRI कॉलेज को बिना मान्यता एडमिशन लेना पड़ा भारी, छात्रा को ब्याज सहित लौटाने होंगे पैसे

भोपाल के एनआरआई कॉलेज को एलएलबी में बिना मान्यता प्रवेश के नाम पर छात्रा से ₹3500 लेना भारी पड़ा। जिला उपभोक्ता आयोग ने कॉलेज पर जुर्माना लगाते हुए राशि लौटाने के निर्देश दिए हैं।

Sep 26, 2026 - 10:28
0
NRI कॉलेज को बिना मान्यता एडमिशन लेना पड़ा भारी, छात्रा को ब्याज सहित लौटाने होंगे पैसे

भोपाल। एलएलबी (LLB) में प्रवेश की पात्रता न होने के बावजूद छात्रा से रजिस्ट्रेशन के नाम पर साढ़े तीन हजार रुपये लेना एनआरआई (NRI) कॉलेज को भारी पड़ गया है। प्रवेश न देने के बाद भी यह राशि वापस न करने पर जिला उपभोक्ता आयोग क्रमांक-एक, भोपाल ने कॉलेज प्रबंधन को सेवा में कमी का दोषी माना है। आयोग के अध्यक्ष योगेश दत्त शुक्ल, सदस्य डॉ. प्रतिभा पांडेय व डॉ. संजीव सिंह की बेंच ने कॉलेज को सख्त आदेश दिया है कि 45 दिनों के भीतर ₹3,500 की मूल जमा राशि 21 जुलाई 2025 से भुगतान की तारीख तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाई जाए। इसके साथ ही छात्रा को मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में ₹8,000 अलग से देने के निर्देश दिए गए हैं।

📝 एलएलबी में प्रवेश के लिए जमा किए थे ₹3500: कॉलेज ने जारी की थी रसीद

पिपलानी के सोनागिरी क्षेत्र की रहने वाली छात्रा अंशिका श्रीवास्तव ने अपनी शिकायत में बताया था कि उसने एनआरआई कॉलेज में एलएलबी प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। इसके लिए 21 जुलाई 2025 को कॉलेज प्रबंधन को ₹3,500 का ऑनलाइन भुगतान किया गया था। इस भुगतान के एवज में कॉलेज की ओर से बाकायदा एक रजिस्ट्रेशन स्लिप भी जारी की गई थी, जिससे छात्रा को प्रवेश मिलने का पूरा भरोसा था।

🚫 मान्यता न होने पर भी वसूले पैसे: न्याय के लिए छात्रा ने खटखटाया आयोग का दरवाजा

रजिस्ट्रेशन के बाद जब छात्रा ने आगे की प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के लिए कॉलेज से संपर्क किया, तो उसे चौंकाने वाला जवाब मिला। कॉलेज प्रबंधन ने बताया कि उनका संस्थान एलएलबी में प्रवेश देने के लिए पात्र ही नहीं है, इसलिए उसे प्रवेश नहीं दिया जा सकता। छात्रा का आरोप था कि कॉलेज ने पात्रता न होने की बात छिपाकर उससे पैसे वसूले और प्रवेश न देने के बावजूद ₹3,500 वापस नहीं किए। अपने पैसे वापस पाने के लिए छात्रा ने कॉलेज के प्राचार्य को लिखित आवेदन भी दिया, लेकिन प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की। कॉलेज की इस मनमानी से परेशान होकर अंततः परिवादी छात्रा ने न्याय के लिए जिला उपभोक्ता आयोग में अपनी शिकायत दर्ज कराई, जहां फैसला उसके पक्ष में आया।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User