कच्चे तेल में आग और अमेरिका-ईरान तनाव से धड़ाम हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 950 अंक से ज्यादा लुढ़का

अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के कारण भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सेंसेक्स 950 अंकों से अधिक टूट गया है।

Sep 28, 2026 - 16:56
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कच्चे तेल में आग और अमेरिका-ईरान तनाव से धड़ाम हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 950 अंक से ज्यादा लुढ़का

घरेलू शेयर बाजार के लिए नए सप्ताह का पहला दिन बेहद खराब और निराशाजनक साबित हुआ। सोमवार 28 सितंबर को बाजार के खुलते ही देश भर के निवेशकों को एक तगड़ा और जोरदार झटका लगा। शुरुआती कुछ ही मिनटों के भीतर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 950 से अधिक अंकों की भारी गिरावट के साथ नीचे आ गिरा। इस बड़ी गिरावट की सबसे मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में लगी भयंकर आग और मिडिल ईस्ट में गहराता भू-राजनीतिक संकट माना जा रहा है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी के कारण क्रूड ऑयल का भाव उछलकर 106 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।

🛢️ कच्चे तेल में लगी आग का असर: ब्रेंट क्रूड 106 डॉलर के पार, निवेशकों की वेल्थ से 6 लाख करोड़ स्वाहा

ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं। ब्रेंट फ्यूचर्स 2.1 प्रतिशत की जोरदार बढ़त के साथ 106.49 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच चुका है, और इस पूरे महीने में इसकी कीमतों में लगभग 18 प्रतिशत की भारी तेजी दर्ज की जा चुकी है। वहीं अमेरिकी क्रूड फ्यूचर्स भी 1.5 प्रतिशत की तेजी के साथ 93.84 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। इस खतरनाक उबाल ने भारतीय शेयर बाजार के पूरे सेंटीमेंट को बुरी तरह बिगाड़ दिया। सोमवार की सुबह गिफ्ट निफ्टी 23,111 अंकों पर था, जिससे साफ संकेत मिल गए थे कि बाजार की शुरुआत बेहद सुस्त और कमजोर रहने वाली है। जैसे ही सुबह 9:15 बजे ट्रेडिंग शुरू हुई, हालात तेजी से बिगड़ने लगे और महज दो मिनट के भीतर सुबह 9:17 बजे सेंसेक्स 512 अंक टूटकर 73,383.70 पर आ गया। यह बिकवाली यहीं नहीं रुकी और सुबह 10:50 बजे तक सेंसेक्स 970 अंकों का गोता लगा चुका था। इस जबरदस्त बिकवाली के कारण बीएसई-लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग 6 लाख करोड़ रुपये घटकर करीब 476 लाख करोड़ रुपये पर सिमट गया।

🌍 अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा तनाव: शांति वार्ता अधर में लटकी, युद्ध जैसे हालात से अनिश्चितता गहरी

बाजार में मची इस भारी तबाही के पीछे वैश्विक स्तर पर बढ़ रही राजनीतिक टेंशन मुख्य कारण है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता फिलहाल पूरी तरह से अधर में लटक गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हरमुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने से जुड़े ईरानी प्रस्ताव को सीधे तौर पर ठुकरा दिया है। ट्रंप का यह कहना है कि ईरान सिर्फ किसी तरह समझौता करने के लिए बेताब है, जबकि ईरान का कड़ा रुख यह है कि इस गंभीर विवाद को केवल कूटनीतिक माध्यमों से ही सुलझाया जा सकता है। मध्य पूर्व में हालात तब से अधिक भयावह बने हुए हैं जब फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर संयुक्त सैन्य हमले किए गए थे। इस संघर्ष ने वैश्विक तेल बाजार को पूरी तरह से गहरी अनिश्चितता में धकेल दिया है।

💸 विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार भारी बिकवाली से कमजोर हुई बाजार की नींव

भारतीय शेयर बाजार की नींव को कमजोर करने में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार हो रही बिकवाली का भी बहुत बड़ा हाथ है। विदेशी निवेशक लगातार भारतीय पूंजी बाजार से अपना पैसा तेजी से निकाल रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, बीते शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों में 36.94 अरब रुपये (यानी लगभग 385.54 मिलियन डॉलर) के शेयरों की ताबड़तोड़ बिकवाली की थी। इस पूरे महीने के दौरान अब तक वे लगभग 1.8 अरब डॉलर की निकासी कर चुके हैं। अगर चालू वर्ष के कुल आंकड़ों पर नजर डालें तो यह आंकड़ा बढ़कर 25.86 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। इसी भारी मात्रा में पूंजी निकासी के चलते निफ्टी 50 और बीएसई सेंसेक्स लगातार सात सत्रों तक गिरावट का शिकार बने, जो उनके रिकॉर्ड इतिहास की सबसे लंबी मंदी की श्रृंखलाओं में से एक है।

🔄 शुक्रवार की राहत भरी तेजी पर फिरा पानी, आगे भी बाजार में बने रहने की आशंका है उतार-चढ़ाव

सोमवार के दिन आई इस भयंकर गिरावट ने पिछले हफ्ते शुक्रवार को मिली मामूली राहत और रिकवरी को पूरी तरह से धोकर रख दिया। पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को बैंकिंग, ऑटो और गैस सेक्टर के शेयरों में हुई लिवाली के दम पर सेंसेक्स 315.20 अंक चढ़कर 73,895.74 के स्तर पर बंद हुआ था और निफ्टी ने भी 77.40 अंकों की शानदार छलांग लगाई थी। उस दिन एक्सिस बैंक, महिंद्रा, एशियन पेंट्स और बजाज फाइनेंस जैसे दिग्गज शेयरों में अच्छी तेजी देखी गई थी, जिसमें अकेले एक्सिस बैंक सबसे ज्यादा 2.82 प्रतिशत मजबूत हुआ था। लेकिन सोमवार को बाजार खुलते ही इस सारी बढ़त और निवेशकों के उत्साह पर पानी फिर गया। फिलहाल निवेशकों का भरोसा बुरी तरह डगमगाया हुआ है, जिसके चलते आने वाले दिनों में भी शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव और अस्थिरता बने रहने की पूरी आशंका है।

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