बोदरली वन परिक्षेत्र में 3 दिन से पेड़ पर डेरा डाले बैठी मादा रीछ का सफल रेस्क्यू, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

बुरहानपुर के बोदरली वन परिक्षेत्र में 3 दिन से आतंक का पर्याय बनी मादा रीछ को इंदौर से आई विशेष टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित पकड़ लिया है। वहीं शहडोल में भी भालू की दहशत से ग्रामीणों में हड़कंप है।

Sep 29, 2026 - 13:37
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बोदरली वन परिक्षेत्र में 3 दिन से पेड़ पर डेरा डाले बैठी मादा रीछ का सफल रेस्क्यू, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के बोदरली वन परिक्षेत्र में पिछले 3 दिनों से लगातार जारी रीछ का आतंक आखिरकार अब खत्म हो गया है। पिछले तीन दिनों से यहां एक मादा रीछ के खुलेआम डेरा जमाने के कारण स्थानीय किसानों और ग्रामीण इलाकों में भारी दहशत का माहौल बना हुआ था। रीछ शनिवार की सुबह से लगातार तीन दिनों तक पेड़ों पर ही बैठी रही, जिसके चलते हमले के भय से ग्रामीण सामूहिक रूप से झुंड बनाकर खेतों में आने-जाने को मजबूर हो गए थे। हालांकि, सोमवार का दिन ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत लेकर आया, जब वन विभाग की टीम ने सूझबूझ से अभियान पूरा किया।

🎯 इंदौर से बुलाई गई विशेष रेस्क्यू टीम, 4 घंटे की मशक्कत के बाद रीछ काबू में

स्थानीय वन विभाग ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत इंदौर से विशेष रेस्क्यू टीम बुलाई। एसडीओ विनय कुमार मेश्राम के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष अभियान में करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने सुरक्षित तरीके से रीछ को अपने कब्जे में ले लिया। इस सफलता के बाद ग्रामीणों ने चैन की सांस ली है। अब वन विभाग द्वारा पकड़ी गई मादा रीछ को खकनार क्षेत्र के सुरक्षित घने जंगलों में छोड़ने की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

🌳 नायर गांव में पेड़ पर बैठी थी रीछ, वन विभाग लगातार रख रहा था पैनी नजर

नायर गांव में शनिवार की सुबह जब ग्रामीण अपने दैनिक कार्यों के लिए खेतों की ओर निकल रहे थे, तब उनकी नजर नीम के पेड़ पर बैठी मादा रीछ पर पड़ी। इस अप्रत्याशित मंजर को देखकर वे दंग रह गए और तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही गांव में वन विभाग का अमला पहुंच गया और लगातार 3 दिनों तक रीछ की हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी गई। इस दौरान उसे जंगल की तरफ भगाने के कई असफल प्रयास भी किए गए थे, जिसके बाद इंदौर अभ्यारण्य से एक्सपर्ट टीम को मैदान में उतारा गया।

🐅 शहडोल के केशवाही वन परिक्षेत्र में भी भालू की दस्तक, ग्रामीणों में खौफ का माहौल

दूसरी ओर, शहडोल जिले के केशवाही वन परिक्षेत्र में भी एक बार फिर से भालू के आबादी वाले क्षेत्रों के पास देखे जाने से ग्रामीण इलाकों में भारी दहशत फैल गई है। ग्रामीण इस समय खौफ के साए में अपना जीवन जीने को मजबूर हैं। भालू की ताजा दस्तक की सूचना मिलते ही वन विभाग की स्थानीय टीम ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया है। क्षेत्र में लाउडस्पीकर के माध्यम से मुनादी कराई जा रही है ताकि लोग सतर्क रहें। वन विभाग की विशेष टीमें भालू की हर एक गतिविधि और मूवमेंट पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

📢 वन विभाग की अपील: अकेले न जाएं खेत, शाम के वक्त घरों से बाहर निकलने में बरतें सावधानी

केशवाही रेंज के रेंजर अंकुर तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि भालू की मौजूदगी की पुख्ता जानकारी मिलते ही पूरी टीम तुरंत एक्टिव हो गई है। मौके पर दो विशेष टीमों को रवाना किया गया है, जहां बीट गार्ड और सुरक्षा श्रमिकों की संयुक्त टीम भालू की लगातार ट्रैकिंग कर रही है। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे खेतों की ओर अकेले जाने के बजाय हमेशा समूह में जाएं। खासकर शाम और रात के वक्त अनावश्यक रूप से अपने घरों से बाहर न निकलें और यदि भालू दिखाई दे, तो उसे किसी भी तरह से परेशान न करें।

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