कालिनिनग्राद पर हमला हुआ तो रूस करेगा सभी हथियारों का इस्तेमाल, वाल्दाई फोरम में बोले रूसी राष्ट्रपति
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूस की यूरोप पर हमले की कोई योजना नहीं है, लेकिन कालिनिनग्राद पर हमला होने पर सभी हथियारों का इस्तेमाल किया जाएगा।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्पष्ट किया है कि रूस की किसी भी यूरोपीय देश पर आक्रमण करने की कोई मंशा या योजना नहीं है। हालांकि, उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि रूस के कालिनिनग्राद या उसके किसी अन्य भूभाग पर सीधा हमला किया जाता है, तो देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए रूस अपने पास मौजूद सभी उपलब्ध हथियारों का पूरी ताकत से इस्तेमाल करेगा। पुतिन ने यह महत्वपूर्ण टिप्पणी मॉस्को में आयोजित प्रतिष्ठित वाल्दाई फोरम के दौरान कही। उन्होंने दोहराया कि रूस हमेशा से यूरोप के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पक्ष में रहा है, लेकिन आक्रामकता की स्थिति में जवाबी कार्रवाई अनिवार्य हो जाएगी।
⚡ कालिनिनग्राद को लेकर क्यों बढ़ रहा है नाटो और रूस के बीच तनाव? पोलैंड और लिथुआनिया के बीच स्थित है यह संवेदनशील इलाका
भौगोलिक रूप से कालिनिनग्राद रूस का सबसे पश्चिमी क्षेत्र है, जो नाटो सदस्य देशों पोलैंड और लिथुआनिया के बीच घिरे होने के कारण अत्यधिक संवेदनशील है और यहां भारी सैन्य तैनाती है। रूस ने पहले ही नाटो को चेतावनी दी है कि यदि इस क्षेत्र को मुख्य रूसी भूभाग से अलग करने की कोशिश की गई, तो रूस परमाणु हथियारों के विकल्प पर भी विचार कर सकता है। दूसरी ओर, नाटो महासचिव मार्क रुटे का कहना है कि नाटो की सैन्य नीति पूरी तरह से रक्षात्मक है और इस तरह की परमाणु धमकियां तनाव को और बढ़ाती हैं। वर्ष 2022 में यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद से रूस और पश्चिमी देशों के बीच कूटनीतिक खाइयां और गहरी हो चुकी हैं।
🤝 जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप के साथ त्रिपक्षीय बैठक को तैयार पुतिन: यूक्रेन युद्ध और तेल रिफाइनरी के नुकसान पर खुलकर रखी बात
बढ़ते वैश्विक तनाव पर चिंता जताते हुए पुतिन ने कहा कि मौजूदा हालात ऐसी स्थिति तक पहुंच सकते हैं जहां से वापसी असंभव हो जाए, इसलिए सभी राष्ट्रों को विनाशकारी हथियारों के इस्तेमाल से बचने की जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ तीन देशों की शिखर बैठक में शामिल होने की इच्छा जताई है, बशर्ते इसके लिए एक स्पष्ट एजेंडा तैयार किया जाए। यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में उन्होंने स्वीकार किया कि यूक्रेनी हमलों से रूसी तेल रिफाइनरियों को नुकसान पहुंचा है और देश की जीडीपी को करीब 1% की चपत लगी है, लेकिन काला सागर क्षेत्र में हमले जारी रहेंगे।
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