बालाघाट में फर्जी 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' का पर्दाफाश, 15 साल से दूसरे की डिग्री पर नौकरी कर रहे पूर्व BMO पर FIR
बालाघाट के बिरसा CHC में पदस्थ रहे तत्कालीन BMO सुनील कुमार सिंह के खिलाफ फर्जी डिग्री के आधार पर 15 साल तक सरकारी नौकरी करने के मामले में FIR दर्ज की गई है।
बालाघाट जिले के बिरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में एक ही MBBS डिग्री नंबर पर दो अलग-अलग डॉक्टरों द्वारा सरकारी नौकरी करने के हाई-प्रोफाइल मामले में आखिरकार बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तत्कालीन ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) सुनील कुमार सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटचित दस्तावेजों के आधार पर एफआईआर दर्ज की है। आरोपी बीते 15 वर्षों से किसी अन्य असली डॉक्टर की डिग्री का इस्तेमाल करके फर्जी तरीके से सरकारी नौकरी हथियाए बैठा था और मरीजों का इलाज भी कर रहा था।
🩺 एक ही एमबीबीएस डिग्री नंबर पर दो डॉक्टर! 2008 में संविदा से शुरू किया था सफर
मामले की गहन जांच में सामने आया कि देवास जिले में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी (PGMO) सुनील कुमार के नाम और डिग्री नंबर का फर्जी इस्तेमाल करके बिरसा में सुनील कुमार सिंह नौकरी कर रहा था। आरोपी ने साल 2008 में संविदा डॉक्टर के रूप में शुरुआत की थी और साल 2012 से बिरसा में खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) के पद पर तैनात था। पहले भी कई बार शिकायतें हुईं, लेकिन हर बार वह जांच से बच निकलता था। इस बार दस्तावेजों की सूक्ष्म जांच में फर्जीवाड़ा साबित हो गया।
👮 बिरसा थाने में BNS की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज, संरक्षण देने वालों पर भी उठे सवाल
बिरसा थाना प्रभारी विजय केन ने बताया कि आरोपी पूर्व BMO सुनील कुमार सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। उसने कूटचित (फर्जी) दस्तावेजों के जरिए शासकीय सेवा का अनुचित लाभ उठाया था। वहीं, इतने सालों तक बिना सत्यापन के यह फर्जीवाड़ा चलने को लेकर स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन अधिकारियों और संरक्षण देने वालों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसकी जांच की मांग की जा रही है।
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