बुरहानपुर जनपद के लिपिक शरद पवार का अनोखा हुनर, दोनों हाथों से लिखते हैं मोतियों जैसे अक्षर
बुरहानपुर जनपद पंचायत में पदस्थ लिपिक शरद पवार दोनों हाथों से मोतियों जैसी लिखावट लिखते हैं। मां की नसीहत से निखरे इस अनोखे हुनर की पूरी कहानी।
बुरहानपुर। कहते हैं कि हुनर किसी पहचान का मोहताज नहीं होता, बस उसे सही समय पर निखारने की जरूरत पड़ती है। इसकी ताजा मिसाल मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जनपद पंचायत कार्यालय में देखने को मिल रही है। यहां पदस्थ लिपिक शरद पवार ने अपने अनोखे हुनर से हर किसी को हैरान कर दिया है। शरद दोनों हाथों से पेन चलाकर सरकारी रजिस्टरों, विभागीय डाक और डेटा कलेक्शन के काम को बेहद मोतियों जैसी लिखावट में निपटाते हैं। आमतौर पर लंबा लिखने से हाथ में दर्द होने लगता है, लेकिन शरद तुरंत हाथ बदलकर दूसरे हाथ से लिखना शुरू कर देते हैं, जिसके चलते पूरे दफ्तर में उन्हें 'स्पीड राइटर' के नाम से जाना जाता है।
👩👦 मां की डांट से मिली सीख ने बदल दी जिंदगी: बाएं हाथ की आदत छुड़ाने से निखरी प्रतिभा, युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत
शरद पवार बताते हैं कि कक्षा 5वीं तक वे सभी काम केवल बाएं हाथ से ही करते थे। भारतीय समाज में बाएं हाथ से काम करने पर मां की डांट और दाएं हाथ का उपयोग करने की बार-बार नसीहत मिलती थी। मां की इसी नसीहत को उन्होंने गंभीरता से लिया और धीरे-धीरे दोनों हाथों से काम करना सीख लिया। मां की डांट से शुरू हुआ यह अभ्यास आज एक अद्भुत कला बन चुका है। अधिवक्ता निखिल खंडेलवाल और पेंशनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी अताउल्ला खान सहित स्थानीय लोग उनकी इस कला के कायल हैं और युवाओं के लिए उन्हें एक बेहतरीन प्रेरणा स्रोत मानते हैं।
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