मानसूनी ब्रेक के बाद जबलपुर के भेड़ाघाट में शुरू हुआ नौकायन, संगमरमर की चट्टानों के बीच उमड़े पर्यटक
जबलपुर के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट में मानसूनी रोक के बाद नौकायन शुरू। संगमरमर की चट्टानों और धुआंधार जलप्रपात का लुत्फ उठा रहे पर्यटक।
जबलपुर। मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल भेड़ाघाट में चार महीने के मानसूनी विश्राम के बाद एक बार फिर पर्यटकों की चहल-पहल शुरू हो गई है। नर्मदा नदी का जलस्तर कम होने के बाद यहां नौका विहार का संचालन दोबारा शुरू कर दिया गया है, जिससे देश-विदेश से आने वाले सैलानी संगमरमर की ऊंची-ऊंची विशाल चट्टानों के बीच नावों में बैठकर प्रकृति के अद्भुत नजारों का आनंद ले रहे हैं। मानसून के दौरान सुरक्षा कारणों से यहां नौकायन बंद कर दिया जाता था, लेकिन अब करीब 30 नावें और मोटरबोट पर्यटकों को सैर करा रही हैं। सूर्य की रोशनी में बदलते रंगों वाली व्हाइट मार्बल रॉक्स की वादियां पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई हैं।
🏛️ धुआंधार जलप्रपात और ऐतिहासिक 64 योगिनी मंदिर का आकर्षण: विदेशी पर्यटक ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिए सुझाव
भेड़ाघाट अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ अपने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के लिए भी देश-भर में विख्यात है। यहां का प्रसिद्ध धुआंधार जलप्रपात, कलचुरी काल में निर्मित 1 हजार साल पुराना गोलाकार '64 योगिनी मंदिर' (गोलकी मठ), रोपवे और कांच के फर्श वाला ग्लास ब्रिज पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रहा है। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया से आईं एक विदेशी पर्यटक गुरप्रीत ने यहां की खूबसूरती की तारीफ करने के साथ-साथ पर्यटकों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, चेतावनी बोर्ड और आपातकालीन सहायता प्रणाली को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। इसके बावजूद, सर्दियों के सीजन की शुरुआत के साथ भेड़ाघाट में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ने की उम्मीद है।
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