सड़क किनारे बेहोश पड़े शख्स के लिए भगवान बने स्कूली बच्चे, डॉ. नितिन उपाध्याय ने दी प्राथमिक सहायता
पांढुर्णा के हेटी गांव में पेड़ से गिरकर बेहोश हुए व्यक्ति के लिए स्कूली बच्चे मसीहा बने। बच्चों की सूचना पर डॉक्टर ने इलाज कर बचाई जान।
कहते हैं बच्चे भगवान का रूप होते हैं और पांढुर्णा जिले के हेटी गांव में यह कहावत सच साबित हुई। गांव के पास जंगल में सीताफल तोड़ते समय एक व्यक्ति अचानक पेड़ से गिरकर बेहोश हो गया। वहां से गुजर रहे स्कूली बच्चों की नजर जब उस पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत लोगों से मदद मांगी। कई राहगीरों के अनसुना करने के बावजूद बच्चों ने हार नहीं मानी। इसी दौरान वहां से गुजर रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मांगुरली के मेडिकल ऑफिसर डॉ. नितिन उपाध्याय को बच्चों ने हाथ दिखाकर रोका और पूरी घटना की जानकारी दी।
🩺 डॉक्टर ने दिया प्राथमिक इलाज और कार में बैठाकर पहुंचाया अस्पताल: मरीज की हालत अब खतरे से बाहर
डॉ. नितिन उपाध्याय ने बिना देर किए तुरंत बेहोश व्यक्ति की जांच की और उसे प्राथमिक चिकित्सा दी। इसके बाद वे मरीज को अपनी कार से मांगुरली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां उसका गहन इलाज शुरू किया गया। डॉक्टर के अनुसार, मरीज के शरीर में पानी की कमी और मुंह से झाग आने की शिकायत थी, लेकिन समय पर इलाज मिलने से अब वह पूरी तरह खतरे से बाहर है। डॉ. उपाध्याय ने बच्चों की सूझबूझ और तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि अगर ये बच्चे समय पर सूचना न देते तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
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