शिवपुरी में ममता हुई तार-तार, छोटे बेटे के अत्याचार से परेशान बुजुर्ग दंपति टपरे में रहने को मजबूर
शिवpuri में छोटे बेटे और बहू द्वारा बुजुर्ग माता-पिता को घर से बाहर निकालने का मामला सामने आया है। न्याय की गुहार लगाने के लिए 80 वर्षीय वृद्धा बड़े बेटे के कंधे पर बैठकर एसपी ऑफिस पहुंची।
शिवपुरी : मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर से इंसानियत को झकझोर देने वाला एक बेहद दर्दनाक और संवेदनशील मामला सामने आया है। शहर में बुजुर्ग माता-पिता के साथ उनके ही अपने छोटे बेटे द्वारा अमानवीय प्रताड़ना का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वृद्ध माता-पिता को उनके छोटे बेटे और बहू ने घर से बेदखल कर बाहर निकाल दिया है, जिसके चलते अब ये बुजुर्ग माता-पिता एक छोटे से अस्थायी टपरे में रहने को पूरी तरह मजबूर हो चुके हैं। जब बड़े बेटे ने अपने माता-पिता की इस दयनीय और दुर्दशा भरी हालत को देखा, तो उसने अपने छोटे भाई को समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह किसी भी तरह समझने को तैयार नहीं हुआ। बड़े बेटे के पास खुद के पास रहने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, इसलिए उसने माता-पिता के पुस्तैनी घर पर इस तरह छोटे भाई द्वारा अवैध कब्जा करने और उन्हें बेघर करने का कड़ा विरोध किया है।
🏠 मकान पर अवैध कब्जा करने और घर से बाहर निकालने का गंभीर आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिवपुरी के फिजिकल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली संजय कॉलोनी की रहने वाली 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला विमला बाल्मीकि न्याय की गुहार लगाने के लिए अपने बड़े बेटे के कंधों पर सवार होकर सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुँचीं। पीड़िता ने अपने छोटे बेटे और बहू पर उनके साथ मारपीट करने, घर से जबरन बाहर निकालने और पुस्तैनी संपत्ति पर अवैध कब्जा जमाने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है।
पीड़िता विमला बाल्मीकि ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा, ''घर में लगातार होने वाली पारिवारिक कलह और विवाद से बचने के लिए मैंने अपने ही मकान में एक अलग से कमरा बनवा लिया था, जहाँ मैं अपने बड़े बेटे के साथ शांति से जीवन गुजार रही थी।''
⚡ बेटा और बहू द्वारा मारपीट कर टपरे में रहने को किया मजबूर
वृद्धा ने रोते हुए आगे बताया, ''मकान के बाकी बचे हुए दो कमरों पर हमारे छोटे बेटे विक्रम बाल्मीकि ने पूरी तरह से कब्जा कर रखा है। छोटे बेटे और बहू ने मुझे मुख्य मकान से पूरी तरह बेदखल कर दिया है और घर के बाहर एक अस्थायी टपरा (झोपड़ी) बनाकर उसमें रहने के लिए मजबूर कर दिया है।''
वर्तमान में बरसात का मौसम होने के कारण उस टपरे में रहना पूरी तरह असंभव हो गया है, क्योंकि छत से पानी टपकता है। जब बुजुर्ग मां ने अपने छोटे बेटे से केवल एक कमरा खाली करने का अनुरोध किया, तो इससे गुस्साए छोटे बेटे और बहू ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की और उन्हें घर से धक्के देकर खदेड़ दिया।
👮♂️ स्थानीय थाने में सुनवाई न होने पर एसपी ऑफिस पहुँचीं बुजुर्ग महिला
यह बेसहारा बुजुर्ग दंपति पिछले 3 दिनों से सुरक्षित आश्रय और शरण के लिए दर-दर ठोकर खाने को मजबूर हैं। पीड़िता ने बताया कि इस अमानवीय घटना के बाद उन्होंने सबसे पहले स्थानीय फिजिकल थाना पुलिस से सुरक्षा और मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन पुलिस की ओर से कोई भी ठोस और प्रभावी कार्रवाई न किए जाने के कारण उन्हें मजबूरन एसपी कार्यालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
खास बात यह है कि वृद्धा शारीरिक रूप से पूरी तरह अशक्त और चलने में असमर्थ हैं, जिसके चलते उनके बड़े बेटे ने उन्हें अपने कंधों पर बिठाकर एसपी दफ्तर पहुँचाया। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को एक लिखित आवेदन सौंपकर अपना पुस्तैनी मकान वापस दिलाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।
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