इंदौर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प: सिंहस्थ-2028 के लिए एयरपोर्ट जैसी सुविधा का सपना, लेकिन निर्माण की रफ्तार धीमी
इंदौर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और शहर की प्रमुख रेल परियोजनाओं (इंदौर-धार, महू-खंडवा) की ताजा स्थिति। निर्माण कार्य में देरी से यात्रियों को होगी असुविधा।
इंदौर। उज्जैन सिंहस्थ-2028 को देखते हुए इंदौर के मुख्य रेलवे स्टेशन को 'एयरपोर्ट' की तर्ज पर विकसित करने का काम चल रहा है। 412 करोड़ रुपये की लागत से मोंटे कार्लो लिमिटेड द्वारा जी-प्लस सेवन (G+7) भवन का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें मल्टीलेवल पार्किंग और हाईटेक प्लेटफार्म जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। हालाँकि, वर्तमान में निर्माण कार्य की धीमी गति यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। आगामी वर्षाकाल में स्टेशन के मुख्य भवन को गिराने की प्रक्रिया से आवागमन और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
यात्रियों के लिए आवागमन होगा चुनौतीपूर्ण
स्टेशन के पुनर्विकास के चलते अगले एक महीने में प्लेटफार्म-एक से शिफ्टिंग शुरू हो जाएगी, जिससे मुख्य स्टेशन से यात्रियों का आवागमन पूरी तरह बंद हो जाएगा। यात्रियों को जीआरपी थाने के पास स्थित फुटओवर ब्रिज (FOB) का उपयोग करना होगा। एक ही एफओबी पर भारी भीड़ के कारण बुजुर्गों, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन और अन्य प्रोजेक्ट्स
लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन का नया भवन भी निर्माणाधीन है, जहाँ 12 जून से स्टेशन मास्टर का कार्यालय स्थानांतरित होगा। रेलवे यहाँ पांच प्लेटफार्म तैयार कर रहा है। इसके साथ ही, अन्य प्रमुख परियोजनाओं की स्थिति इस प्रकार है:
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इंदौर-दाहोद (धार) रेल परियोजना: 18 वर्षों से चल रही इस 204 किमी लंबी परियोजना का मात्र 45 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। पीथमपुर टनल का काम अंतिम चरण में है और अगस्त 2026 तक इंदौर-धार संपर्क शुरू होने की उम्मीद है।
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महू-खंडवा (डॉ. अंबेडकर नगर) ब्राडगेज: 156 किमी लंबी इस परियोजना को पूरा होने में अभी 2 से 3 साल और लगेंगे। वन क्षेत्र से जुड़ी स्वीकृतियाँ मिलने के बाद अब पातालपानी के आगे पेड़ों की कटाई शुरू हो गई है।
परियोजनाओं की स्थिति पर एक नज़र
| परियोजना | स्थिति | प्रमुख चुनौती |
| इंदौर मुख्य स्टेशन | निर्माणधीन | शिफ्टिंग और बढ़ती यात्री भीड़ |
| इंदौर-धार रेल मार्ग | अंतिम चरण | टनल निर्माण और सिग्नलिंग |
| महू-खंडवा (ब्राडगेज) | प्रगति पर | वन क्षेत्र की स्वीकृति व टनल निर्माण |
रेलवे अधिकारियों का दावा है कि निर्माण कार्य में हो रही देरी को कम करने के लिए शिफ्टिंग प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें।
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