ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था होगी मजबूत, 15 ग्रामीण जल योजनाओं के रुके कार्यों को गति
बिलासपुर में कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक हुई। जल जीवन मिशन के तहत लंबित कार्यों और 15 ग्रामीण योजनाओं के भुगतान को मंजूरी दी गई।
बिलासपुर जिले में ग्रामीण क्षेत्रों तक सुगम और शुद्ध पेयजल पहुँचाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे लंबित कार्यों, अंतिम भुगतानों, जल स्रोतों की स्थिरता और ग्रामीण स्वच्छता से जुड़े कुल पांच प्रमुख एजेंडों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिले के भीतर पेयजल व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व पारदर्शी बनाने के लिए कई आवश्यक प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई।
📋 चकरभाठा और मटियारी सहित 15 ग्रामीण जल योजनाओं के रुके भुगतानों पर मुहर
बैठक के दौरान कलेक्टर ने हर घर जल योजनाओं के तहत अटके हुए अंतिम भुगतान के प्रस्तावों पर अपनी मुहर लगाई। प्रशासन द्वारा चकरभाठा, मटियारी, लोफंदी, फरहदा, लघरा, मणिकपुर, बन्नाकडीह, घोघरा, कोरबी, बांका, रामपुर, गोपालपुर, कुली, बरेली और बैमा सहित कुल 15 ग्रामीण जल जीवन योजनाओं के रुके हुए भुगतानों को शीघ्र पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि सभी आवश्यक कागजी औपचारिकताएं बिना किसी विलंब के पूरी की जाएं और भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह से समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जाए।
🔄 केवल पाइपलाइन नहीं, बल्कि दीर्घकालीन और सतत पेयजल सेवा पर विशेष जोर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जल जीवन मिशन के इस नए चरण के तहत केवल जमीन में पाइपलाइन बिछाने तक ही सीमित नहीं रहना है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण इलाकों के नागरिकों को दीर्घकालीन और सतत (Sustainable) पेयजल सेवाएं निर्बाध रूप से मिलती रहें। इसके लिए जल स्रोतों की स्थिरता और स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में ग्रामीण जनता को किसी भी प्रकार की जल समस्या का सामना न करना पड़े।
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