शहडोल में लहसुन और अदरक ने बिगाड़ा किचन का बजट, आसमान छू रहे दाम, जानिए क्या है वजह
शहडोल में लहसुन और अदरक के दाम आसमान छू रहे हैं। ट्रांसपोर्टेशन समस्या और मौसम की मार के कारण कीमतें बढ़ी हैं। जानिए क्या है पूरी रिपोर्ट।
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में बरसात के मौसम और ट्रांसपोर्टेशन की समस्याओं के चलते सब्जियों के दाम पहले से ही बढ़े हुए हैं, लेकिन इस समय लहसुन और अदरक ने महंगाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। स्थिति यह हो गई है कि सामान्य कुकिंग के लिए 10 रुपये की अदरक या लहसुन मांगने पर भी व्यापारी साफ मना कर रहे हैं। बाजार में 200 से 250 ग्राम लहसुन-अदरक के लिए लोगों को 40 से 60 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं, और आने वाले दिनों में इनके दाम और अधिक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
📈 थोक और खुदरा बाजार में भारी उछाल, सावन के बाद और महंगे होने के आसार
स्थानीय सब्जी विक्रेता और ग्राहकों के अनुसार, खुले बाजार में लहसुन 100 से 200 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है, जबकि अदरक का भाव 200 से 250 रुपये प्रति किलो तक पहुँच चुका है। थोक विक्रेता लखन पांडे ने बताया कि मालवा क्षेत्र (जैसे इंदौर, उज्जैन, सीहोर, शाजापुर) और राजस्थान से आने वाले माल में रुकावट और जमाखोरी इसके मुख्य कारण हैं। व्यापारियों का कहना है कि सावन का महीना बीतने के बाद मांग बढ़ने पर इनके दामों में और अधिक तेजी देखने को मिल सकती है।
🌱 देश में नंबर वन है मध्य प्रदेश, जानिए कहाँ और कैसे होती है लहसुन-अदरक की खेती
खास बात यह है कि देश में सबसे ज्यादा लहसुन और अदरक का उत्पादन करने वाला राज्य मध्य प्रदेश ही है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. बीके प्रजापति के अनुसार, प्रदेश में अदरक की सबसे ज्यादा खेती 'जिंजर सिटी' के रूप में प्रसिद्ध छिंदवाड़ा में होती है, जबकि लहसुन की खेती मंदसौर, नीमच, शाजापुर, रतलाम और उज्जैन संभाग में प्रमुखता से की जाती है। अदरक की बुवाई जून में और लहसुन की बुवाई सितंबर के अंत से अक्टूबर के पहले पखवाड़े में की जाती है। बेहतर देखरेख से प्रति एकड़ 90 से 120 क्विंटल अदरक और 40 से 70 क्विंटल लहसुन का उत्पादन प्राप्त होता है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)