जिले में 409 भवनों को है मरम्मत की दरकार, जर्जर स्कूलों को लेकर प्रशासन के क्या हैं दावे?

शिवपुरी के शासकीय माध्यमिक विद्यालय छावनी में जर्जर भवन के कारण बच्चों को भारी परेशानी हो रही है। छत टपकने और सीलन के बीच बच्चे पढ़ने को मजबूर हैं।

Aug 20, 2026 - 16:31
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जिले में 409 भवनों को है मरम्मत की दरकार, जर्जर स्कूलों को लेकर प्रशासन के क्या हैं दावे?

मध्य प्रदेश के ग्रामीण और शहरी अंचल से सरकारी स्कूलों के जर्जर भवनों और बदहाल व्यवस्थाओं की तस्वीरें आए दिन सामने आती रहती हैं। यह व्यवस्थाएं इस बात का प्रमाण हैं कि शिक्षा विभाग के तमाम दावों के बावजूद जमीनी हकीकत कितनी भयावह है। ताजा मामला शिवपुरी जिला मुख्यालय से महज एक किलोमीटर दूर कस्टम गेट के पास स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय छावनी से सामने आया है। यहाँ कक्षा 1 से 8वीं तक के बच्चे ऐसे खतरनाक और जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर हैं, जहाँ बारिश के दौरान छत से लगातार पानी टपकता है, दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ी हैं और कमरों में सीलन के साथ पानी भर जाता है। यहाँ सवाल सिर्फ एक स्कूल की इमारत का नहीं, बल्कि उन मासूम बच्चों की सुरक्षा का है जो मजबूरी में इस बदहाल सरकारी व्यवस्था के भरोसे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

🌧️ क्लासरूम में भरा पानी और सीलन से भरी दीवारें, गरीब बच्चों के सामने बड़ी चुनौती

बारिश का मौसम आते ही इस पुराने स्टेट-टाइम के भवन की स्थिति और अधिक दयनीय हो जाती है। कक्षाओं के भीतर पानी भर जाने से फर्श पूरी तरह गीला रहता है, जिससे बच्चों का बैठना तक मुश्किल हो जाता है। इन स्कूलों में आमतौर पर आसपास के उन गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ाई करते हैं जो महंगे निजी स्कूलों की फीस वहन करने में असमर्थ हैं। उनके लिए सरकारी स्कूल ही एकमात्र सहारा है, लेकिन भवन की यह जर्जर हालत उनकी पढ़ाई के साथ-साथ उनकी जान पर भी हर पल खतरा बनी रहती है। अभिभावकों के मन में भी हमेशा यही चिंता सताती रहती है कि उनका बच्चा सुरक्षित स्कूल से वापस लौटेगा या नहीं।

🛠️ प्रशासन के दावे: जिले में 409 जर्जर भवन चिह्नित, मरम्मत और नए निर्माण की प्रक्रिया जारी

इस गंभीर मामले को लेकर जब जिम्मेदार अधिकारियों से बात की गई, तो डीपीसी दफेदार सिंह सिकरवार ने बताया कि शिवपुरी जिले में कुल 409 ऐसे भवन हैं जिन्हें तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है। सत्र 2025-26 के लिए 96 भवनों की मरम्मत स्वीकृत की गई थी, जिनमें से 50 भवनों के लिए राशि प्राप्त हो चुकी है और करीब 35 प्रतिशत राशि जारी कर काम कराया जा रहा है। इसके अलावा, नए शिक्षा सत्र में 49 और भवनों की मरम्मत को मंजूरी मिली है जिन पर बारिश के बाद काम शुरू होगा। साथ ही, जर्जर हो चुके भवनों को हटाकर 8 नए भवनों के निर्माण को भी स्वीकृति दी गई है, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।

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