छतरपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: 'मिस-ब्रांडेड' दलिया बेचने पर कंपनी और व्यापारियों पर 3.40 लाख का जुर्माना
छतरपुर के एडीएम कोर्ट ने मिस-ब्रांडेड दलिया और मानक स्तर की चाय बेचने पर बड़ी कंपनी व स्थानीय व्यापारियों पर ₹3.40 लाख का जुर्माना लगाया।
छतरपुर। जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट और नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला अपर मजिस्ट्रेट (ADM) एवं न्याय निर्णायक अधिकारी ने एक नामचीन कंपनी, उसके सप्लायर और स्थानीय विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया है। कोर्ट ने सभी पर कुल 3 लाख 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है, जिससे व्यापारियों में हड़कंप मच गया है।
लैब रिपोर्ट में खुली कंपनी की पोल
मामला 17 नवंबर 2022 का है, जब खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसके तिवारी ने सागर रोड स्थित 'अपना किराना बाजार' का औचक निरीक्षण किया था। संदेह के आधार पर एक बड़ी कंपनी की चाय और 500 ग्राम पैक्ड दलिया के नमूने लेकर उन्हें राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया। जांच रिपोर्ट में दोनों उत्पाद मानक स्तर के नहीं पाए गए। विशेष रूप से, दलिया के पैकेट पर 'खाद्य सुरक्षा एवं मानक लेबलिंग एवं डिस्प्ले विनियम 2020' के नियम 5(3) का खुला उल्लंघन पाया गया, जिसके चलते इसे 'मिस-ब्रांडेड' घोषित कर दिया गया।
कोर्ट ने खारिज की कंपनी की दलीलें
सुनवाई के दौरान कंपनी ने तर्क दिया कि जनवरी 2023 से दलिया को न्यूट्रीशनल लेबलिंग से छूट दी गई है। हालांकि, एडीएम कोर्ट ने इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब सैंपल लिया गया था (नवंबर 2022), तब यह छूट लागू नहीं थी। कोर्ट ने निर्माता कंपनी, उसके नॉमिनी, सप्लायर और स्थानीय दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 26(2) और 52 के तहत दोषी करार दिया।
जुर्माना राशि का विवरण
एडीएम कोर्ट ने कानून का उल्लंघन करने वाले विभिन्न पक्षकारों पर जुर्माना इस प्रकार तय किया है:
-
दलिया निर्माता कंपनी: 1 लाख रुपये।
-
कंपनी नॉमिनी (एस परणीत राजन): 1 लाख रुपये।
-
झांसी स्थित सप्लायर (स्वदेशी ट्रेड लिंक): 50 हजार रुपये।
-
स्थानीय कारोबारी (संजय कुमार अग्रवाल): 50 हजार रुपये।
-
दुकानदार (संदीप व कृष्ण कुमार विश्वकर्मा): 20-20 हजार रुपये।
What's Your Reaction?