टाटा, गोदरेज और बिड़ला के उतरने से तेजी से बढ़ रहा गोल्ड लोन का कारोबार, जानिए क्या है वजह

टाटा, गोदरेज और आदित्य बिड़ला जैसे बड़े ग्रुप्स अब गोल्ड लोन के कारोबार में उतर रहे हैं। भारत में सिक्योर्ड लोन की बढ़ती मांग और इसके फायदों के बारे में जानिए पूरी डिटेल।

Aug 21, 2026 - 18:15
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टाटा, गोदरेज और बिड़ला के उतरने से तेजी से बढ़ रहा गोल्ड लोन का कारोबार, जानिए क्या है वजह

भारत में गोल्ड लोन का कारोबार इन दिनों काफी तेजी से फैल रहा है और अब इसमें देश के बड़े-बड़े बिजनेस ग्रुप्स भी बड़े पैमाने पर उतर रहे हैं। पिछले कुछ हफ्तों में टाटा कैपिटल, गोदरेज कैपिटल और आदित्य बिड़ला कैपिटल जैसी दिग्गज कंपनियों ने गोल्ड लोन सेक्टर में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। इन गतिविधियों से साफ संकेत मिल रहा है कि गोल्ड लोन अब केवल छोटे पैमाने का या स्थानीय कारोबार नहीं रह गया है, बल्कि बड़े कॉर्पोरेट घराने इसे भविष्य के एक बड़े और सुरक्षित रिटele लोन बिजनेस के रूप में देख रहे हैं।

💼 कंपनियों द्वारा किए गए बड़े अधिग्रहण और विस्तार की योजनाएं

इस बढ़ते बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कंपनियों ने अलग-अलग रणनीतियां अपनाई हैं। टाटा कैपिटल ने केरल की कंपनी योगलोन्स (Yogloans) में 88.6 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद ली है, जिससे उसे 160 से ज्यादा शाखाओं, करीब 32,000 ग्राहकों और 700 करोड़ रुपये से अधिक के गोल्ड लोन पोर्टफोलियो तक सीधी पहुंच मिल गई है। दूसरी ओर, गोदरेज कैपिटल ने कनकादुर्गा फाइनेंस के गोल्ड लोन कारोबार का अधिग्रहण किया है, जिसके पास लगभग 280 करोड़ रुपये का लोन पोर्टफोलियो, 12,000 ग्राहक और 54 शाखाएं हैं। वहीं, आदित्य बिड़ला कैपिटल ने किसी मौजूदा कंपनी को खरीदने के बजाय खुद का मजबूत नेटवर्क खड़ा करने का रास्ता चुना है और देशभर में करीब 1,000 नई शाखाएं खोलने की योजना बनाई है।

🔍 गोल्ड लोन की तरफ क्यों रुख कर रही हैं बड़ी कंपनियां?

पारंपरिक रूप से बड़े एनबीएफसी (NBFCs) का ध्यान पर्सनल लोन और अन्य अनसिक्योर्ड लोन (बिना गारंटी वाले कर्ज) पर ज्यादा रहता था, लेकिन इन कर्जों में तेजी आने के बाद रिजर्व बैंक (RBI) की बढ़ती निगरानी ने कंपनियों को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर किया है। ऐसे में कंपनियां अब सुरक्षित (सिक्योर्ड) लोन की ओर शिफ्ट हो रही हैं, जिसमें गोल्ड लोन सबसे बेहतर विकल्प साबित हो रहा है। इसके तहत ग्राहक गहने गिरवी रखते हैं, जिनकी कीमत और बाजार मूल्य स्पष्ट होने के कारण कंपनियों के लिए जोखिम को संभालना आसान होता है। इसके अलावा, सोने की कीमतों में लगातार तेजी आने से ग्राहकों को भी कम गहनों पर ज्यादा रकम का लोन मिल रहा है, जिससे इस सेक्टर में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है।

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