कटनी सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर 1 करोड़ की जमीन हड़पने के मामले में एफआईआर दर्ज, बढ़ी मुश्किलें

कटनी की सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर 1 करोड़ रुपए की जमीन के फर्जी सौदे में गड़बड़ी करने का आरोप लगा है। कुठला थाने में धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।

Aug 21, 2026 - 17:49
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कटनी सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर 1 करोड़ की जमीन हड़पने के मामले में एफआईआर दर्ज, बढ़ी मुश्किलें

मध्य प्रदेश के कटनी जिले में विवादों में घिरी नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं। अपने खिलाफ हुई विभागीय कार्रवाई को लेकर एसपी के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाली सीएसपी अब खुद गंभीर कानूनी शिकंजे में फंस गई हैं। प्रारंभिक विभागीय जांच में यह खुलासा हुआ है कि उन्होंने कथित तौर पर लगभग 1 करोड़ रुपये की बेशकीमती जमीन के मामले में भारी गड़बड़ी की है। इसी आधार पर सीएसपी नेहा पच्चीसिया और दो अन्य लोगों के खिलाफ कुठला थाने में गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।

📋 क्या है पूरा मामला? जमीन के फर्जीवाड़े और रसूख के इस्तेमाल के आरोप

भोपाल सतर्कता शाखा की शिकायत और जबलपुर जोन के वरिष्ठ निर्देशों के बाद कुठला थाने में सीएसपी और अन्य आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, दबाव बनाने और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पूरा मामला कुठला थाना क्षेत्र के खसरा नंबर 2618/1 की बेशकीमती जमीन के अवैध सौदे से जुड़ा है। जांच में सामने आया है कि पुलिसिया तंत्र और अपने पद के रसूख का कथित दुरुपयोग करते हुए सीएसपी ने रमेश लोधी की जमीन की रजिस्ट्री दबाव बनाकर नियम विरुद्ध तरीके से दूसरे व्यक्ति के नाम करवा दी थी। इस जमीन की बाजार कीमत करीब 1 करोड़ रुपये आंकी गई है।

⚖️ हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद एडीजीपी और आईजी के निर्देश पर हुई कार्रवाई

बता दें कि इससे पहले जुलाई महीने में वाहन चेकिंग के दौरान एक ट्रांसपोर्टर से कथित तौर पर 30 हजार रुपये की मांग करने के आरोप के बाद उनका प्रभार हटा लिया गया था। इसके अलावा एक हत्या के मामले में समय पर चालान पेश न होने के कारण मुख्य आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिलने पर भी वरिष्ठ अधिकारियों ने नाराजगी जताई थी। इन कार्रवाइयों से नाराज होकर सीएसपी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जहाँ उन्हें कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद भोपाल सतर्कता शाखा और जबलपुर जोन के अधिकारियों द्वारा बैंक खातों, दस्तावेजों और ट्रांजैक्शन की बिंदुवार जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद 18 अगस्त 2026 को औपचारिक एफआईआर दर्ज कर ली गई। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन की गहराई से छानबीन कर रही है।

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