रावलपिंडी में सुरक्षा व्यवस्था सख्त, कानून-व्यवस्था संभालने के लिए तैनात की गईं पाकिस्तानी सेना की 3 कंपनियां
रावलपिंडी में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और हिंसक घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पाकिस्तानी सेना की 3 कंपनियां तैनात कर दी गई हैं। जानिए पूरी खबर।
पाकिस्तान सरकार ने रावलपिंडी में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और सुरक्षा स्थिति को मजबूत करने के लिए पाकिस्तानी सेना की 3 कंपनियां तैनात करने का औपचारिक आदेश जारी कर दिया है। यह सैन्य तैनाती तत्काल प्रभाव से आगामी 6 महीने की अवधि के लिए की गई है। पाकिस्तान के गृह एवं नारकोटिक्स नियंत्रण मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, पंजाब सरकार के गृह विभाग के विशेष अनुरोध पर यह कड़ा कदम उठाया गया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य किसी भी अप्रिय हिंसा को रोकना और अचानक पैदा होने वाले सुरक्षा संकटों से प्रभावी तरीके से निपटना है। आधिकारिक आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि रावलपिंडी जिला प्रशासन की जरूरत के अनुसार सेना की ये टुकड़ियां चुनिंदा संवेदनशील सुरक्षा ड्यूटियां संभालेंगी, जिसके लिए पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 245 के तहत संघीय सरकार ने मंजूरी दी है।
🔫 पेट्रोलिंग अधिकारी पर हमला और राजनीतिक विरोध के बीच उठाया गया कदम
यह बड़ा प्रशासनिक कदम तब उठाया गया जब हाल ही में रावलपिंडी के व्यस्त मॉल रोड पर एक राजनीतिक पार्टी से जुड़े एक हथियारबंद व्यक्ति ने सुरक्षा बलों पर कथित तौर पर गोलीबारी कर दी, जिसमें एक पेट्रोलिंग अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में जवाबी कार्रवाई में हमलावर मारा गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 11:15 बजे हुई, जब मुहम्मद हुसैन नामक हथियारबंद शख्स ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाया। सुरक्षा सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया कि कथित हमलावर खैबर जिले का रहने वाला था और उसे पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है।
🏛️ राजनीतिक बयानबाजी और आगामी प्रदर्शनों को लेकर प्रशासन सतर्क
इस घटना के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने PTI की कड़ी आलोचना करते हुए पार्टी पर खुले तौर पर हिंसा और अशांति फैलाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा अधिकारी पर गोली चलाने का कोई औचित्य नहीं था और हिंसक विरोध-प्रदर्शन अब इस पार्टी की कार्यशैली बन चुके हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदर्शनों के दौरान इनके कार्यकर्ता हथियार साथ लेकर चलते हैं। दूसरी ओर, इस महीने की शुरुआत में यह घोषणा की जा चुकी है कि PTI आगामी 27 सितंबर को इस्लामाबाद की ओर एक बड़ा 'लॉन्ग मार्च' निकालेगी, जिसके चलते प्रशासन अभी से पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद नजर आ रहा है।
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