ग्वालियर के कुलैथ में 100 एकड़ में बनेगा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन; सीएम मोहन यादव ने बेंगलुरु में जुटाया निवेश
ग्वालियर के कुलैथ में 100 एकड़ पर बन रहा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन! सीएम मोहन यादव के बेंगलुरु रोडशो से 1,200 करोड़ के नए प्रस्ताव मिले, 20 हजार रोजगार के अवसर।
भोपाल। ग्वालियर-चंबल अंचल को देश का बड़ा औद्योगिक केंद्र बनाने की दिशा में काम तेज हो गया है। ग्वालियर के समीप स्थित कुलैथ में 100 एकड़ की विशाल भूमि पर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) के विकास की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को बेंगलुरु में देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपतियों और टेक-निवेशकों के साथ वन-टू-वन संवाद किया। इस उच्चस्तरीय बैठक में ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में निवेश और तकनीकी विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
💼 बेंगलुरु रोडशो में मिले 1,200 करोड़ से अधिक के नए प्रस्ताव: 5,000 करोड़ का निवेश पहले ही आ चुका
बैठक के दौरान सेमीकंडक्टर, चिप डिजाइन, ड्रोन टेक्नोलॉजी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और डेटा सेंटर जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्रों में मध्य प्रदेश में मौजूद संभावनाओं पर मंथन किया गया।
निवेशकों से सीधी वार्ता के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया को जानकारी दी कि बेंगलुरु में ग्वालियर के टीएमजेड को लेकर उद्योगपतियों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। ग्वालियर के इस जोन में 5,000 करोड़ रुपये का निवेश पहले ही आ चुका है, जबकि इस राउंड में करीब 1,200 करोड़ रुपये से अधिक के नए निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
🏗️ टीएमजेड के सेकंड फेज का काम जल्द होगा शुरू: 20 हजार युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
ग्वालियर टीएमजेड की सफलता और निवेशकों की भारी मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री ने इसके दूसरे चरण (Phase-2) के विस्तार का ऐलान किया।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया कि पहले चरण की भूमि लगभग पूरी तरह आवंटित होने वाली है, इसलिए अगले एक से दो महीने में फेज-2 का काम शुरू कर दिया जाएगा। इस मेगा प्रोजेक्ट के पूर्ण विस्तार से क्षेत्र के लगभग 20 हजार युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। मध्य प्रदेश अब देश में आईटी, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण (ESDM) का नया केंद्र बनकर उभर रहा है।
🤝 सिंगल विंडो सिस्टम से त्वरित अनुमतियां: निवेशकों को राज्य सरकार का पूरा प्रशासनिक सहयोग
मुख्यमंत्री ने वैश्विक और राष्ट्रीय निवेशकों को मध्य प्रदेश में पूर्ण सुरक्षा, पारदर्शी नीतिगत ढांचे और सुगम कार्य वातावरण का भरोसा दिलाया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 'सिंगल विंडो सिस्टम' के जरिए सभी औद्योगिक अनुमतियां समय सीमा के भीतर देने के लिए प्रतिबद्ध है। बेंगलुरु के विश्वस्तरीय तकनीकी इको-सिस्टम और मध्य प्रदेश के मजबूत औद्योगिक आधार के समन्वय से प्रदेश में नवाचार (Innovation) का नया दौर शुरू होगा। हर रोड शो में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति से निवेशकों की समस्याओं और कागजी प्रक्रियाओं का तत्काल ऑन-द-स्पॉट समाधान किया जा रहा है।
🏆 देश का 5वां ऐसा हाई-टेक जोन बनेगा ग्वालियर: नोएडा और बेंगलुरु को देगा सीधी टक्कर
ग्वालियर के लिए यह टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस स्तर के अत्याधुनिक जोन अब तक देश के केवल 4 शहरों— श्रीपेरंबुदूर, तिरुपति, नोएडा और बेंगलुरु में ही संचालित हैं।
इस सूची में शामिल होकर ग्वालियर देश का ऐसा 5वां विशिष्ट शहर बन जाएगा। इस जोन में टेलीकॉम सेक्टर से जुड़े विशाल उपकरणों से लेकर सूक्ष्म स्पेयर पार्ट्स और चिप्स का बड़े पैमाने पर उत्पादन होगा। केंद्र सरकार की वित्तीय प्रोत्साहन योजनाओं (PLI Schemes) और रियायतों का लाभ मिलने से यह प्रोजेक्ट अंचल के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
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