छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड में पीड़ित पक्ष को पक्षकार बनाने का निर्देश; आरोपी डॉक्टर ने वापस ली याचिका
छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड में 26 बच्चों की मौत के आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी को जबलपुर हाईकोर्ट से बड़ा झटका! तीसरी बार जमानत याचिका खारिज। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
जबलपुर। छिंदवाड़ा के चर्चित कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड में 26 बच्चों की मौत के आरोपी डॉक्टर प्रवीण सोनी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने डॉक्टर की ओर से दायर की गई जमानत याचिका को तीसरी बार खारिज कर दिया है। जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए मामले से प्रभावित पीड़ित परिवारों के अभिभावकों को भी याचिका में अनावेदक (पक्षकार) बनाने के निर्देश जारी किए थे। कोर्ट के इस कड़े रुख को देखते हुए याचिकाकर्ता के वकील ने याचिका वापस लेने का आग्रह किया, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने याचिका खारिज कर दी।
📜 चार्जशीट रद्द करने और गैर-इरादतन हत्या की धाराओं को दी गई थी चुनौती: डॉक्टर ने दी सफाई
26 मासूमों की जान जाने के इस संगीन मामले में आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया था कि जहरीली कफ सिरप के निर्माण या उसकी गुणवत्ता में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
याचिका में तर्क दिया गया कि एक पीडियाट्रिशियन होने के नाते उन्होंने अभिभावकों की सहमति से नियमानुसार ही दवा लिखी थी। वे पिछले एक साल से न्यायिक हिरासत (जेल) में बंद हैं। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि डॉक्टर का उद्देश्य मरीज की जान बचाना होता है, कफ सिरप से बच्चों की मौत का उनका कोई इरादा नहीं था। इसलिए गैर-इरादतन हत्या की धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को रद्द कर जमानत का लाभ दिया जाए।
👨👩👧👦 पीड़ित पक्षों को पक्षकार बनाने के निर्देश: सरकार के आग्रह के बाद याचिकाकर्ता ने वापस ली अर्जी
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता ने कोर्ट से आग्रह किया कि इस त्रासदी में अपने बच्चों को खोने वाले पीड़ित परिवारों का पक्ष सुनना भी न्यायहित में अति-आवश्यक है, इसलिए उन्हें याचिका में पक्षकार बनाया जाए।
जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने सरकार के इस आग्रह से सहमति जताई। पीड़ित परिवारों के पक्षकार बनते ही केस के और मजबूत होने की संभावना को देखते हुए याचिकाकर्ता ने अपनी जमानत याचिका और चार्जशीट निरस्त करने संबंधी आवेदन को वापस लेने की प्रार्थना की, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार करते हुए मामले को नस्तीबद्ध कर दिया।
💊 कोल्ड्रिफ सिरप से किडनी फेल होने से हुई थी मौतें: सरकारी अस्पताल में पदस्थ रहते निजी प्रैक्टिस का आरोप
उल्लेखनीय है कि दूषित कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में अब तक 26 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो चुकी है।
मामले की जांच के बाद पुलिस ने परासिया के सरकारी सिविल अस्पताल में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ (पीडियाट्रिशियन) डॉ. प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इससे पहले निचली अदालत (सेशन कोर्ट) भी उनकी जमानत याचिका को खारिज कर चुकी है। डॉक्टर पर आरोप है कि वे सरकारी सेवा में रहते हुए अवैध रूप से निजी प्रैक्टिस कर रहे थे और उन्होंने कई बच्चों को ऐसी घातक दवाएं लिखीं, जिनके सेवन से बच्चों की किडनी फेल हो गई और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)