ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड बेस के पास पकड़े गए आतंकी आरोपी निकले जेन-जी, ईरान एंगल की जांच तेज
ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड बेस के पास पकड़े गए पांचों आतंकी संदिग्ध जेन-जी युवा हैं। पुलिस इस मामले में ईरान कनेक्शन और एक्सपर्ट्स के दावों की जांच कर रही है।
ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड (RAF Fairford) सैन्य ठिकाने के पास से पकड़े गए पांचों आतंक संदिग्धों को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा सामने आया है। ब्रिटिश पुलिस ने मीडिया संस्थान 'द गार्जियन' को जानकारी देते हुए बताया है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी 'जेन-जी' (Gen-Z) पीढ़ी से ताल्लुक रखते हैं। इन सभी की उम्र 20 वर्ष से अधिक और 29 वर्ष से कम है। ब्रिटिश पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि क्या इन आरोपियों के तार किसी विदेशी ताकत या ईरान से जुड़े हुए हैं। गौरतलब है कि अमेरिका का पहले ही यह दावा रहा है कि इस प्रकार के संभावित हमलों के पीछे किसी बाहरी देश का हाथ हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी इन पांचों संदिग्धों की गिरफ्तारी और फिर उन्हें जमानत मिलने के पूरे घटनाक्रम को लेकर लंदन प्रशासन पर अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की थी।
✈️ 27 सितंबर को आरएएफ फेयरफोर्ड इलाके से हुई थी गिरफ्तारी, सैन्य बेस का हुआ था इस्तेमाल
गत रविवार (27 सितंबर को) ब्रिटेन की काउंटर-टेररिस्ट पुलिस ने आरएएफ फेयरफोर्ड इलाके के पास से कुल 5 संदिग्धों को दबोचा था, जिन पर आतंकवाद से जुड़ी गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। आपको बता दें कि आरएएफ फेयरफोर्ड बेस का इस्तेमाल ईरान संघर्ष के दौरान रणनीतिक रूप से किया गया था, जिसके बाद से ही यह इलाका सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था।
🧠 डिफेंस एक्सपर्ट का दावा- महज 1000 पाउंड खर्च कर ब्रिटेन के युवाओं को बरगला रहा ईरान
ब्रिटेन के जाने-माने डिफेंस एक्सपर्ट विल गेडेस (Will Geddes) ने 'द सन' अखबार से बातचीत करते हुए एक सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान ब्रिटेन की धरती पर धड़ल्ले से आतंकी मॉड्यूल तैयार कर रहा है। इस्लामिक शासन समर्थक और उनके एजेंट ब्रिटेन के युवा जेन-जी लड़कों को आसानी से बरगला कर उन्हें आतंक के रास्ते पर धकेल रहे हैं और उनके मन में कट्टरता का जहर घोला जा रहा है। गेडेस का कहना है कि महज 1000 पाउंड (भारतीय मुद्रा में करीब 1 लाख रुपए) खर्च करके इन युवाओं का माइंडवाश किया जा रहा है। उनका यह भी आरोप है कि अवैध घुसपैठ के रास्तों से ईरान से प्रशिक्षित ट्रेनर ब्रिटेन भेजे जा रहे हैं, जो ब्रिटिश युवाओं को निशाना बना रहे हैं।
⚡ ब्रिटेन में अब तक सामने आ चुकी हैं तीन बड़ी घटनाएं, ईरानी दूतावास ने खारिज किए आरोप
ब्रिटेन में पिछले कुछ समय में इस्लामिक कट्टरता से जुड़ी तीन बड़ी घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। कुछ महीने पहले ही लंदन की सड़कों पर दो यहूदी युवकों की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा एक प्रमुख बिजली संयंत्र (पावर प्लांट) को उड़ाने की साजिश और ब्लास्ट का प्रयास भी किया गया था, और अब आरएएफ फेयरफोर्ड बेस के पास हमले की साजिश ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है। हालांकि, इन तमाम गंभीर आरोपों के बीच ईरान ने खुद को इस पूरी घटना से पूरी तरह अलग कर लिया है। ब्रिटेन में स्थित ईरानी दूतावास ने एक आधिकारिक बयान जारी कर उन तमाम अटकलों और मीडिया रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज किया है, जिसमें फेयरफोर्ड बेस के पास पकड़े गए संदिग्धों के तार ईरान से जोड़े जा रहे हैं।
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