महंगाई के आंकड़ों के बीच क्या ब्याज दरें बढ़ाएगा आरबीआई? जानिए क्या कह रहे हैं अर्थशास्त्री
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 5 से 7 अक्टूबर 2026 को होगी। महंगाई के बीच रेपो रेट में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की आगामी बैठक पर पूरे देश और वित्तीय बाजारों की पैनी नजर टिकी हुई है। छह सदस्यों वाली एमपीसी की यह बैठक 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2026 के बीच आयोजित की जाएगी, जिसमें देश की आर्थिक गतिविधियों, महंगाई की स्थिति और ब्याज दरों की व्यापक समीक्षा की जाएगी। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा 7 अक्टूबर को सुबह 10 बजे मौद्रिक नीति के फैसलों का आधिकारिक ऐलान करेंगे, जिसके बाद दोपहर 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी।
📊 महंगाई के दबाव के बीच रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट बढ़ोतरी का अनुमान: अगस्त में खुदरा महंगाई बढ़कर पहुंची 4.82%
आरबीआई ने पिछली अगस्त 2026 की बैठक में रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा था। हालांकि, रॉयटर्स के अर्थशास्त्रियों के सर्वे के अनुसार, करीब 60% विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी करके इसे 5.50% किया जा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो फरवरी 2023 के बाद यह पहला मौका होगा जब रेपो रेट में इजाफा किया जाएगा। अगस्त 2026 में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.82% दर्ज की गई थी, जो केंद्रीय बैंक के 4% के लक्ष्य से लगातार तीसरे महीने ऊपर बनी हुई है।
🌐 ग्लोबल संकेत और रुपये की चाल पर भी रहेगी नजर: 7 अक्टूबर को सुबह 10 बजे साफ होगी तस्वीर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक बाजार के घटनाक्रमों के बीच आरबीआई के सामने आर्थिक विकास और महंगाई के बीच संतुलन बनाए रखने की बड़ी चुनौती है। रेपो रेट वह दर होती है जिस पर कम अवधि के लिए बैंकों को कर्ज मिलता है, और इसमें किसी भी बदलाव का सीधा असर आम जनता के होम लोन, कार लोन और अन्य कर्जों की मासिक किस्तों (EMI) पर पड़ता है। फिलहाल सभी की निगाहें 7 अक्टूबर की सुबह होने वाली घोषणा पर टिकी हैं।
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