गांधी जयंती पर बैंककर्मी रवि अकोदिया ने अनाज के दानों से बनाई महात्मा गांधी की पोर्ट्रेट पेंटिंग
उज्जैन के बैंककर्मी रवि अकोदिया ने गांधी जयंती पर उड़द, मूंग, मसूर और जीरे जैसे अनाज के दानों से महात्मा गांधी की अनूठी तस्वीर बनाई है।
जो अनाज के दाने हमारी रसोई तक पहुंचकर जीवन का आधार बनते हैं, उन्हीं दानों को उज्जैन के एक बैंककर्मी कलाकार ने अपनी कला का बेहतरीन माध्यम बना लिया है। पंजाब नेशनल बैंक में विशेष सहायक के पद पर कार्यरत 42 वर्षीय रवि अकोदिया ने गांधी जयंती के पावन अवसर पर उड़द, मूंग, मसूर, राई, ज्वार और जीरे जैसे विभिन्न अनाजों के दानों का उपयोग कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की एक आकर्षक और जीवंत तस्वीर तैयार की है। मात्र 4 से 5 घंटे की मेहनत से तैयार यह कलाकृति केवल एक पेंटिंग नहीं, बल्कि अन्न और किसानों की मेहनत के महत्व को दर्शाने का एक अनूठा प्रयास है।
🏛️ बैंकिंग की तैयारी के दौरान तनाव से उपजा कला का सफर: दीवारों से शुरू हुआ कैनवास का सिलसिला आज पहुंचा मुकाम पर
रवि अकोदिया की कला का यह सफर किसी पारंपरिक कला संस्थान से शुरू नहीं हुआ था। साल 2012 में जब वह बैंकिंग परीक्षाओं की तैयारी के दौरान असफलता और अकेलेपन के दौर से गुजर रहे थे, तब तनाव दूर करने के लिए उन्होंने कमरों की दीवारों पर तस्वीरें बनाना शुरू किया था। दीवारों से शुरू हुआ यह पेंटिंग का सिलसिला धीरे-धीरे उनके जीवन का अहम हिस्सा बन गया। बाद में उन्होंने बैंकिंग के क्षेत्र में मुकाम हासिल किया और वर्तमान में पंजाब नेशनल बैंक में अपनी सेवाएं देते हुए भी अपनी इस रचनात्मक कला को लगातार जिंदा रखे हुए हैं।
🎨 रेत, घास और अब अनाज से कलाकारी: घर में ही सजा रखी है अपनी आर्ट गैलरी, परिवार का मिल रहा पूरा सहयोग
रवि अकोदिया इससे पहले भी कई अनोखे प्रयोग कर चुके हैं। पिछले साल 2 अक्टूबर 2025 को उन्होंने बालू रेत से महात्मा गांधी की तस्वीर बनाई थी, वहीं मातृ दिवस पर गार्डन की सूखी घास से मदर टेरेसा का चित्र उकेरा था। उज्जैन के क्षिप्रा विहार निवासी रवि अपनी इस कला यात्रा में अपनी भांजी और पूरे परिवार का भरपूर सहयोग प्राप्त करते हैं। उनकी यह प्रेरणादायक कला न केवल समाज को अन्न के सम्मान का संदेश देती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि शौक और लगन को पूरा करने के लिए समय की कमी आड़े नहीं आती।
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