सड़क हादसे में 15 महीने कोमा में रहने के बाद हुई थी मौत, कोर्ट ने दिया 52.82 लाख का मुआवजा
इंदौर जिला कोर्ट ने सड़क हादसे में 15 महीने तक कोमा में रहने के बाद दम तोड़ने वाले युवक के परिजनों को 52.82 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
मध्य प्रदेश के इंदौर में जिला कोर्ट ने सड़क हादसे से जुड़े एक मामले में कड़ा और न्यायसंगत फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी को मृतक के परिजनों को 52.82 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का निर्देश दिया है। यह सड़क दुर्घटना 31 मार्च 2023 को हुई थी, जब हलवाई का काम करने वाले 32 वर्षीय लेखपाल अपने साथी हरिओम के साथ पैदल सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार चार पहिया वाहन ने दोनों को जोरदार टक्कर मार दी थी, जिससे लेखपाल के सिर में गंभीर चोटें आई थीं और वह लंबे समय तक कोमा में रहने के बाद 23 जून 2024 को जिंदगी की जंग हार गए।
🏛️ बीमा कंपनी का तर्क खारिज: एडवोकेट राजेश खंडेलवाल की दलीलें हुईं स्वीकार, 8% वार्षिक ब्याज के साथ मिलेगा भुगतान
लेखपाल के आश्रितों ने एडवोकेट राजेश खंडेलवाल के माध्यम से जिला कोर्ट में मुआवजे के लिए क्लेम प्रस्तुत किया था। सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया कि चालक के पास वैध लाइसेंस नहीं था और बीमा शर्तों का उल्लंघन हुआ है। हालांकि, अदालत ने दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर बीमा कंपनी के दावों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने आदेश दिया कि मृतक के परिजनों को 52.82 लाख रुपये की मुआवजा राशि पर 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी दिया जाए।
🩹 घायल साथी हरिओम को भी मिली राहत: अदालत ने बीमा कंपनी को 9.87 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का दिया निर्देश
इस भीषण सड़क हादसे में लेखपाल के साथ घायल हुए दूसरे युवक हरिओम को भी कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। एडवोकेट खंडेलवाल ने जानकारी दी कि दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए हरिओम के पक्ष में भी कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए विभिन्न मदों को मिलाकर 9 लाख 87 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति बीमा कंपनी से दिलाने के आदेश दिए हैं। इस फैसले से पीड़ित परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिली है।
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