विकास कार्यों की फाइलों को लेकर कमिश्नर केबिन में भिड़े महापौर विक्रम अहिके, जानें पूरा मामला
छिंदवाड़ा नगर निगम में विकास कार्यों और फाइलों पर दस्तखत को लेकर महापौर विक्रम अहिके और कमिश्नर चंद्रप्रकाश राय के बीच तीखी बहस हो गई।
छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा नगर पालिक निगम में विकास कार्यों और फाइलों पर दस्तखत कराने को लेकर माहौल गर्मा गया है। महापौर विक्रम अहिके और निगम कमिश्नर चंद्रप्रकाश राय के बीच कमिश्नर केबिन में करीब पांच मिनट तक तीखी बहस हुई। महापौर विक्रम अहिके ने नाराजगी जताते हुए कहा, "कमिश्नर साहब, मैं जनता का चुना हुआ प्रतिनिधि हूं। जब मुझे ही कोई वैध काम करवाने के लिए आपके पास चक्कर काटने पड़ रहे हैं, तो आम जनता का क्या होगा और शहर का विकास कैसे होगा?" इस पर कमिश्नर चंद्रप्रकाश राय ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि जो काम नियमानुसार होंगे, वही किए जाएंगे।
🏗️ टेंडर प्रक्रिया और फंड की कमी बनी विवाद की वजह: चुनाव से पहले विकास कार्यों की फाइलों पर अटका पेंच
नगर निगम में विवाद की मुख्य वजह वार्डों में अटके विकास कार्य और शासन के नए निर्देश हैं। पहले छोटे-मोटे काम पार्षद स्तर पर ऑफलाइन हो जाते थे, लेकिन अब हर काम के लिए टेंडर अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा निगम की वित्तीय स्थिति भी कमजोर है, जिससे जलकर और संपत्तिकर की वसूली कर्मचारियों के वेतन में ही निकल जाती है। महापौर अहिके ने आरोप लगाया कि पेयजल समस्या, ट्यूबवेल खनन और मकान निर्माण की अनुमतियों में जानबूझकर लेट-लतीफी की जा रही है, जबकि कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि सभी कार्य नियमों के तहत ही संचालित किए जा रहे हैं।
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