कभी बस कंडक्टर रहे गणेश तिवारी की अनोखी कहानी, 5 हजार से शुरू की 'श्री गणेश गुजिया' दुकान अब कमा रही लाखों
टीकमगढ़-झांसी हाईवे पर स्थित 'श्री गणेश गुजिया' की सफलता की दिलचस्प कहानी। कभी बस कंडक्टर रहे गणेश तिवारी आज शुद्ध मावे की गुजिया से देश-विदेश में हैं मशहूर।
निवाड़ी। असफलता से हार न मानकर अगर पूरी ईमानदारी और आस्था से मेहनत की जाए, तो तकदीर बदलते देर नहीं लगती। ऐसी ही एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी निवाड़ी जिले के टीकमगढ़-झांसी हाईवे पर स्थित ग्राम जेवरा मौरा के रहने वाले गणेश तिवारी की है। कभी पुलिस-सेना की तैयारी करने और बस में कंडक्टर की नौकरी करने वाले गणेश तिवारी आज अपनी प्रसिद्ध मिठाई की दुकान 'श्री गणेश गुजिया' के मालिक हैं और दूसरों को रोजगार दे रहे हैं। उनके भाई बताते हैं कि घर की आर्थिक तंगी के चलते शुरुआती दौर में काफी संघर्ष करना पड़ा था, लेकिन पट्ठा सरकार हनुमान जी की कृपा और एक संत के आशीर्वाद ने उनकी जिंदगी की पूरी तस्वीर ही बदल दी।
🌟 संत के आशीर्वाद और हनुमान जी की प्रेरणा से खुली दुकान: 1 क्विंटल रोजाना बिकती है शुद्ध घी-मावे की गुजिया
गणेश तिवारी भगवान हनुमान के परम भक्त हैं। एक बार मंदिर दर्शन के दौरान उन्हें संत श्री रावतपुरा सरकार रविशंकर जी महाराज का सानिध्य मिला, जिन्होंने उन्हें मिठाई और जलपान के व्यवसाय का सुझाव दिया। उस वक्त गणेश के पास बर्तन खरीदने तक के पैसे नहीं थे, इसलिए उन्होंने 5,000 रुपये उधार लेकर साल 1998 में किराए की दुकान से इसकी शुरुआत की। शुरुआत में वे 10-20 किलो गुजिया बेचते थे, जो आज बढ़कर रोजाना एक क्विंटल तक पहुंच गई है। शुद्ध मावे और देसी घी से बनने वाली इस खास गुजिया के दीवाने अब मुंबई, दिल्ली, भोपाल से लेकर विदेशों तक में बैठे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई दिग्गज नेता और प्रशासनिक अधिकारी भी इस गुजिया का स्वाद चख चुके हैं। कभी खुद आर्थिक तंगी झेलने वाले गणेश आज अपनी दुकान पर 12 से 15 लोगों को रोजगार दे रहे हैं।
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