सीबीआई जांच में अनसूटेबल मिले नर्सिंग कॉलेजों पर बड़ा अपडेट, 3 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में फर्जी नर्सिंग कॉलेजों के छात्रों की शिफ्टिंग के मामले पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने नया और संशोधित शिफ्टिंग मॉड्यूल पेश करने के निर्देश दिए हैं।
जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में बहुचर्चित फर्जी नर्सिंग कॉलेज मामले को लेकर एक बार फिर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। शुक्रवार को जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की युगलपीठ के समक्ष मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल ने छात्रों के स्थानांतरण से जुड़ा 'शिफ्टिंग मॉड्यूल' पेश किया। यह मॉड्यूल सीबीआई जांच में अनुपयुक्त पाए गए नर्सिंग कॉलेजों के छात्रों को उपयुक्त कॉलेजों में स्थानांतरित करने और उनके प्रशिक्षण को सुचारू रखने पर आधारित था। हालांकि, सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से इस शिफ्टिंग मॉड्यूल की व्यावहारिक कमियों और छात्रों के भविष्य से जुड़े कई अहम मुद्दों पर आपत्ति दर्ज कराई गई।
🩺 क्या है पूरा मामला और कोर्ट का अगला आदेश: 3 नवंबर को होगी मामले की अगली सुनवाई
लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के माध्यम से दायर जनहित याचिका में प्रदेश के सैकड़ों फर्जी नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी। सीबीआई जांच में 695 में से कई कॉलेज अनसूटेबल पाए गए थे, जिन्हें सुरक्षित कॉलेजों में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए थे। शुक्रवार को हुई सुनवाई में छात्रों की क्लिनिकल ट्रेनिंग, बुनियादी सुविधाओं और पढ़ाई के खर्च को अपात्र कॉलेजों की बैंक गारंटी से वसूलने की मांग उठाई गई। युगलपीठ ने दोनों पक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे आपत्तियों पर विचार करते हुए एक नया और संशोधित शिफ्टिंग मॉड्यूल तैयार करें, जिससे छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। मामले की अगली सुनवाई अब 3 नवंबर को तय की गई है।
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