IAESCON 2026 कॉन्फ्रेंस में ब्रेस्ट कैंसर के आधुनिक इलाज पर चर्चा, ओंकोप्लास्टिक सर्जरी से बच सकेगी बनावट
जबलपुर में आयोजित IAESCON 2026 कॉन्फ्रेंस में ब्रेस्ट कैंसर के आधुनिक और सुरक्षित इलाज पर चर्चा हुई। ओंकोप्लास्टिक सर्जरी और कंजर्विंग तकनीकों से मिल रही राहत।
जबलपुर। ब्रेस्ट कैंसर का नाम सुनते ही महिलाओं के मन में सबसे बड़ा डर बीमारी के साथ स्तन को पूरी तरह निकालने और लंबे समय तक चलने वाले इलाज का होता है। लेकिन आधुनिक चिकित्सा तकनीकों ने इस स्थिति को काफी हद तक बदल दिया है। अब कई मामलों में कैंसरग्रस्त ट्यूमर को निकालने के साथ स्तन की प्राकृतिक बनावट और आकार को भी सुरक्षित रखा जा सकता है। जबलपुर में आयोजित इंडियन Association of Endocrine Surgeons की तीन दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस IAESCON 2026 में ब्रेस्ट कैंसर और थायरॉयड जैसी गंभीर बीमारियों के आधुनिक उपचार पर व्यापक मंथन किया जा रहा है। इस प्रतिष्ठित आयोजन में भारत के अलावा जापान, अमेरिका, ब्रिटेन, ताइवान, नेपाल और इथियोपिया समेत कई देशों के दिग्गज विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।
🩺 'लेस इज मोर' के सिद्धांत पर हो रहा काम: ब्रिटेन और अमेरिका के विशेषज्ञों ने दिए आधुनिक सर्जरी के गुर
यूनाइटेड किंगडम के पूल हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉ. शांडिल राजन और एसजीपीजीआई लखनऊ के डॉ. गौरव अग्रवाल ने बताया कि आधुनिक चिकित्सा का मुख्य उद्देश्य केवल कैंसर को खत्म करना नहीं, बल्कि मरीज की जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखना है। पहले के मुकाबले अब 'ब्रेस्ट कंजर्विंग सर्जरी' और 'ओंकोप्लास्टिक सर्जरी' पर अधिक जोर दिया जा रहा है, जिससे चुनिंदा मामलों में पूरा स्तन निकालने की जरूरत नहीं पड़ती। इसके अलावा जबलपुर के सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के डॉ. संजय यादव ने बताया कि कॉन्फ्रेंस के दौरान ब्रिटेन से मंगाए गए विशेष सिम्युलेटर मॉडल पर सर्जनों को आधुनिक और मिनिमली इनवेसिव सर्जरी का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि देश के दूर-दराज के मरीजों को भी विश्वस्तरीय चिकित्सा मिल सके।
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