'अभ्युदय-2026' सम्मेलन में बोले सीएम मोहन यादव- श्रीकृष्ण के जीवन से मिलती है नैतिक नेतृत्व की सीख
भोपाल में दो दिवसीय राष्ट्रीय HR-CSR सम्मेलन 'अभ्युदय-2026' का शुभारंभ करते हुए सीएम मोहन यादव ने श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन, नैतिक नेतृत्व और ईएसजी पर विचार रखे।
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दो दिवसीय राष्ट्रीय एचआर-सीएसआर सम्मेलन 'अभ्युदय-2026' का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन की शुरुआत की। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि कंस का वध करने के बाद भी उन्होंने खुद सत्ता स्वीकार नहीं की, बल्कि युधिष्ठिर को राजगद्दी सौंपी। द्वारिका में भी पुत्र के बजाय योग्यता को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन हमें सिखाता है कि पद से अधिक दायित्व महत्वपूर्ण है।
🌿 श्रीकृष्ण पाथेय और राम वन गमन पथ से विकसित होंगे तीर्थ: ESG और भारतीय ज्ञान परंपरा के समन्वय पर मंथन
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार प्रदेश में भगवान श्रीराम से जुड़े स्थलों को 'श्रीराम वन गमन पथ' और श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों को 'श्रीकृष्ण पाथेय' के रूप में विकसित कर रही है। इन स्थानों पर शोध करने वाले शोधार्थियों को सरकार पूरा सहयोग देगी। सम्मेलन में पर्यावरण, सामाजिक उत्तरदायित्व और सुशासन (ESG) को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने पर गंभीर चर्चा हुई। इसके साथ ही सीएम ने मध्य प्रदेश में कौशल विकास के तहत तीन स्किल यूनिवर्सिटीज और भोपाल के ग्लोबल स्किल पार्क का जिक्र करते हुए युवाओं के रोजगार व आयुष शिक्षा के विस्तार पर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
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