पानी बर्बाद करने वालों पर नगर निगम का शिकंजा, सेवन स्टेप गार्डन पर 2000 रुपये का स्पॉट फाइन
इंदौर में पानी की बर्बादी करने पर नगर निगम ने 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, भू-जल स्तर गिरने के कारण जिले में निजी बोरिंग पर रोक लगा दी गई है।
मध्य प्रदेश के आर्थिक राजधानी इंदौर में पानी के दुरुपयोग और बर्बादी के खिलाफ नगर निगम ने अब कड़ा रुख अपना लिया है। ताजा मामले में जोन-21 के वार्ड-79 अंतर्गत आरआर कैट रोड स्थित सेवन स्टेप गार्डन के सामने पानी बर्बाद करने पर 2,000 रुपये का स्पॉट फाइन लगाया गया है। प्रशासन का यह कदम शहर में जल संरक्षण को बढ़ावा देने और पानी की बर्बादी रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि नागरिक जल संकट के प्रति जागरूक हो सकें।
🚫 जिला जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित: कलेक्टर शिवम वर्मा के आदेश पर इंदौर में निजी बोरिंग पर आगामी आदेश तक प्रतिबंध
कम बारिश और भू-जल (Groundwater) के अत्यधिक दोहन के कारण गिरते जल स्तर को देखते हुए इंदौर जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने पूरे जिले को 'जल अभावग्रस्त क्षेत्र' घोषित करते हुए 27 अक्टूबर से निजी बोरिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन कर बोरिंग या नलकूप खनन का प्रयास करने वालों की मशीनें तुरंत जब्त कर ली जाएंगी। आने वाले महीनों में पेयजल संकट की आशंका से निपटने के लिए यह प्रशासनिक फैसला लिया गया है।
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