मंदिरों की जमीनों पर होंगी कृषि व व्यावसायिक गतिविधियां, श्रीकृष्ण पाथेय न्यास बैठक में सीएम के बड़े फैसले

मध्य प्रदेश में मंदिरों से जुड़ी जमीनों का उपयोग अब व्यावसायिक और कृषि गतिविधियों के लिए होगा। सीएम डॉ. मोहन यादव ने श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की बैठक में दिए निर्देश।

Nov 03, 2026 - 14:33
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मंदिरों की जमीनों पर होंगी कृषि व व्यावसायिक गतिविधियां, श्रीकृष्ण पाथेय न्यास बैठक में सीएम के बड़े फैसले

मध्य प्रदेश में मंदिरों से जुड़ी जमीनों का उपयोग अब उनकी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ और बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा। राज्य सरकार की नई योजना के तहत इन जमीनों पर कृषि के साथ-साथ व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसके अलावा, बड़े और प्रसिद्ध मंदिरों की आय का कुछ हिस्सा आसपास की गोशालाओं तथा 'वृंदावन गांवों' की व्यवस्था सुधारने पर भी खर्च किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल स्थित मंत्रालय में आयोजित श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की कार्यसमिति बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

🌊 जल गंगा अभियान से संवरेंगी जल संरचनाएं; श्रीकृष्ण से जुड़े स्थल तीर्थ के रूप में होंगे विकसित

बैठक के प्रमुख फैसले और निर्देश:

  • व्यवस्थाओं का सशक्तीकरण: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मंदिरों की संपत्ति और भूमि का उपयोग उनकी आंतरिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए ही किया जाए।

  • जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार: मंदिरों में मौजूद ऐतिहासिक जल संरचनाओं और कुओं/बावड़ियों के जीर्णोद्धार व संरक्षण का काम 'जल गंगा अभियान' के तहत प्रमुखता से किया जाएगा।

  • धार्मिक संस्थाओं का सहयोग: प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े सभी ऐतिहासिक स्थलों को भव्य तीर्थ स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए कृष्ण भक्ति से जुड़ी प्रमुख संस्थाओं का सक्रिय सहयोग लिया जाएगा।

🛕 3200 से अधिक मंदिरों के रखरखाव का प्लान; सांदीपनि आश्रम उज्जैन के विकास का भूमि-पूजन संपन्न

विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति समीक्षा:

  • सांदीपनि आश्रम उज्जैन: बैठक में बताया गया कि उज्जैन स्थित ऐतिहासिक सांदीपनि आश्रम के कायाकल्प और जीर्णोद्धार कार्य का भूमि-पूजन सफलतापूर्वक हो चुका है।

  • 3200+ मंदिरों का संरक्षण: प्रदेश में 3200 से अधिक मंदिरों के रखरखाव, भव्य प्रवेश द्वारों के निर्माण और जल संरचनाओं के संरक्षण के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

  • प्रमुख स्थलों की समीक्षा: बैठक के दौरान नारायण धाम (महिदपुर), श्रीकृष्ण धाम (छतरपुर), जानापाव (महू), अमझेरा (धार), मां जागेश्वरी लोक (चंदेरी), श्रीकृष्ण राधा लोक (पन्ना) और रायसेन जिले की जमगढ़ पहाड़ियों में चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।

📱 भगवान श्रीकृष्ण पर केंद्रित शुरू होगा डिजिटल प्लेटफॉर्म; उज्जैन में बनेगी रिसर्च लाइब्रेरी

शोध, संस्कृति और युवा पीढ़ी को जोड़ने की पहल:

  • यूट्यूब डिजिटल प्लेटफॉर्म: बैठक में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और दर्शन पर केंद्रित शोध, डॉक्यूमेंट्री (वृत्तचित्र), नाट्य और संगीत श्रृंखलाओं के लिए एक समर्पित यूट्यूब डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करने की महत्वाकांक्षी योजना पर चर्चा हुई।

  • अत्याधुनिक रिसर्च लाइब्रेरी: उज्जैन में दुर्लभ पांडुलिपियों, प्राचीन ग्रंथों और शोध पत्रों के संरक्षण हेतु एक अत्याधुनिक रिसर्च लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी।

  • जीवन प्रबंधन और अर्थव्यवस्था पर संगोष्ठियां: मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के विचार आज भी जीवन प्रबंधन, अर्थव्यवस्था, कृषि और गो-संवर्धन जैसे क्षेत्रों में अत्यंत प्रासंगिक हैं। इन विषयों पर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर विचार सत्रों व संगोष्ठियों का नियमित आयोजन किया जाए।

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