पत्रकारों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय कानून की मांग; अखिल भारतीय ग्रामीण पत्रकार संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

अखिल भारतीय ग्रामीण पत्रकार संघ ने बड़वानी में पत्रकारों की सुरक्षा और 10 हजार रुपये मासिक पेंशन सहित 5 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

Oct 31, 2026 - 11:11
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पत्रकारों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय कानून की मांग; अखिल भारतीय ग्रामीण पत्रकार संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

पत्रकारों की सुरक्षा और कल्याण के लिए केंद्रीय कानून बनाने की मांग, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

बड़वानी। देशभर में पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण के लिए विशेष केंद्रीय कानून बनाने सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अखिल भारतीय ग्रामीण पत्रकार संघ ने शुक्रवार को बड़वानी कलेक्टर परिसर में ज्ञापन सौंपा। संघ ने ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, कानून मंत्री और सूचना एवं प्रसारण मंत्री से पत्रकारों पर हो रहे हमलों को रोकने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी सुधीर बाथम बेजोड़ (इंटर स्टेट कॉन्टेक्ट चीफ), मुजाद खान और छगनलाल पटाईत द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में जुलाई से अक्टूबर 2026 के बीच दिल्ली में पत्रकारों के साथ हुई कथित मारपीट, अभद्रता, कैमरे छीनने और ओबी वैन में तोड़फोड़ जैसी घटनाओं का उल्लेख किया गया है। ज्ञापन में एबीपी न्यूज की टीम पर पथराव, जंतर-मंतर पर टाइम्स नाउ के पत्रकार देव कोटक के साथ मारपीट और महिला पत्रकारों के साथ कथित अभद्रता के मामलों का हवाला देते हुए पत्रकारों की सुरक्षा पर चिंता जताई गई है।

ज्ञापन में प्रमुख रूप से महाराष्ट्र के पत्रकार सुरक्षा कानून की तर्ज पर राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा अधिनियम बनाने, पत्रकारों पर हमले के मामलों में कठोर सजा और जुर्माने का प्रावधान करने तथा पत्रकारों के परिवारों को आर्थिक सहायता, मेडिकल बीमा और बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति देने की मांग की गई है। इसके अलावा पत्रकारों को मासिक वेतन, 65 वर्ष की आयु के बाद 10 हजार रुपए मासिक पेंशन, रेल-बस यात्रा में रियायत और आवासीय योजनाओं में आरक्षण देने की मांग भी रखी गई है।

संघ ने अधिमान्यता की प्रक्रिया सरल बनाने तथा साप्ताहिक और पाक्षिक समाचार पत्रों को प्रतिवर्ष डेढ़ से दो लाख रुपए तक का विज्ञापन अनुदान देने की मांग उठाई है। ज्ञापन में जिला और ग्रामीण स्तर पर कार्यरत पत्रकारों के साथ संपादकों और समाचार पत्र वितरकों के कल्याण के लिए भी विशेष प्रावधान करने की बात कही गई है।

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान नहीं किया गया तो प्रदेशव्यापी स्तर पर 'कुर्सी छोड़ो आंदोलन' शुरू किया जाएगा। इस दौरान 'कलम चलेगी तो सिस्टम हिलेगा' का नारा भी दिया गया।

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