रील्स से आइडिया लेकर शुरू किया बिजनेस, शिवपुरी के दो बीकॉम छात्र रोज कमा रहे हजारों रुपए
शिवपुरी के दो बीकॉम छात्रों ने सोशल मीडिया रील्स से आइडिया लेकर वाफल्स का बिजनेस शुरू किया। आज वे रोज हजारों रुपए कमाकर आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
शिवपुरी: कहते हैं कि अगर सोच में नयापन हो और कुछ कर दिखाने का जज्बा हो, तो सोशल मीडिया पर देखा गया एक छोटा सा विचार भी आपकी पूरी किस्मत बदल सकता है। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के दो होनहार दोस्तों ने इस बात को बिल्कुल सच साबित कर दिखाया है। बीकॉम (B.Com) की पढ़ाई कर रहे इन छात्रों ने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ सोशल मीडिया रील्स से मिले एक बिजनेस आइडिया पर काम करना शुरू किया और आज वे रोजाना हजारों रुपए की शानदार कमाई कर रहे हैं।
📱 रील्स से मिला अनोखा बिजनेस आइडिया
शिवपुरी के रहने वाले वंश राठौड़ और मोहित राठौड़ एक दिन मोबाइल फोन पर ऐसे ही रील्स देख रहे थे। इसी दौरान उनकी मोबाइल स्क्रीन पर बार-बार एक लोकप्रिय फूड आइटम 'वाफल्स' (Waffles) का वीडियो सामने आया।
जब उन्होंने इस फूड ट्रेंड पर थोड़ी रिसर्च की और इसका क्रेज देखा, तो उन्हें पता चला कि इंदौर और भोपाल जैसे बड़े महानगरों में वाफल्स का ट्रेंड काफी ज्यादा चल रहा है। दोनों दोस्तों ने आपस में चर्चा की और सोचा कि क्यों न इस आधुनिक फूड आइडिया को अपने छोटे शहर शिवपुरी में भी आजमाया जाए। उनका सोचना था कि अगर यह प्रयोग सफल रहा, तो सफलता जरूर मिलेगी। बस फिर क्या था, दोनों ने बिना देर किए इस विचार को हकीकत में बदलने की ठान ली।
💰 मात्र डेढ़ लाख रुपए के छोटे निवेश से की थी शुरुआत
बीकॉम सेकंड ईयर के छात्र वंश राठौर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि लगभग 2 साल पहले उन्होंने अपने जिगरी दोस्त मोहित के साथ मिलकर इस नए काम की पूरी रूपरेखा तैयार की थी।
शुरुआत में उन्होंने महज 1 लाख से 1.5 लाख रुपए की छोटी सी लागत के साथ इस व्यवसाय की शुरुआत की थी। आज उनकी मेहनत रंग लाई है और उनका यह बिजनेस इतनी बेहतरीन स्थिति में पहुंच चुका है कि दोनों दोस्त मिलकर रोजाना 3 हजार से 4 हजार रुपए तक की आसानी से कमाई कर रहे हैं।
🎓 पढ़ाई के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की एक मिसाल
वंश ने आगे बातचीत में बताया कि, "शुरुआत में हमने इस काम को बहुत ही छोटे स्तर पर शुरू किया था, लेकिन अब शिवपुरी के लोगों को हमारे वाफल्स का स्वाद बेहद पसंद आ रहा है और ग्राहकों से हमें जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। हमारे द्वारा बनाए जाने वाले वाफल्स पूरी तरह से ऑर्गेनिक और हाइजीनिक होते हैं। अगर भविष्य में भी हमें ऐसा ही प्यार और समर्थन मिलता रहा, तो हम अपने इस छोटे से बिजनेस को और भी बड़े स्तर पर ले जाएंगे।"
ये दोनों युवा आज के समय में न सिर्फ अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी लगन से कर रहे हैं, बल्कि अपने इस शानदार पार्ट-टाइम बिजनेस के जरिए पूरी तरह आत्मनिर्भर बनकर प्रदेश के अन्य युवाओं के लिए भी एक मिसाल और प्रेरणा स्रोत बन चुके हैं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)