अतिक्रमण पर कार्रवाई न होने से नाराज अधिवक्ता का अनोखा प्रदर्शन, नगर निगम दफ्तर में थाल सजाकर पहुंचे
रीवा में अतिक्रमण की शिकायत पर कार्रवाई न होने से नाराज एक अधिवक्ता ने अनूठे अंदाज में विरोध जताते हुए नगर निगम दफ्तर में थाली (फूल-माला और खाना) सौंपी।
रीवा: नगर निगम के कर्मचारियों की मनमानी और अतिक्रमणकारियों के साथ उनकी कथित मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाते हुए रीवा के एक अधिवक्ता ने बेहद अनोखे अंदाज में अपना विरोध दर्ज कराया है। अतिक्रमण की लगातार शिकायतों पर भी कोई ठोस कार्रवाई न होने के चलते गुस्से में आए अधिवक्ता अपने हाथों में अगरबत्ती, फूलों की माला, पराठा और सब्जी से सजा हुआ थाल लेकर सीधे नगर निगम दफ्तर जा पहुंचे।
दफ्तर में विरोध प्रदर्शन का ऐसा अनूठा नजारा देखकर वहां मौजूद सभी अधिकारी और कर्मचारी सन्न रह गए। इस दौरान विरोध जता रहे अधिवक्ता विनय गुप्ता का कहना था कि वे इस थाल के जरिए अधिकारियों और कर्मचारियों की खातिरदारी करना चाहते हैं, क्योंकि अतिक्रमण की शिकायतों पर कार्रवाई करने के बजाय निगम के लोग केवल मलाई खाने में व्यस्त हैं।
🏛️ अधिवक्ता ने नगर निगम पर लगाया कार्रवाई न करने का गंभीर आरोप
थाल लेकर विरोध प्रदर्शन करने रीवा नगर निगम कार्यालय पहुँचे अधिवक्ता विनय गुप्ता ने आरोप लगाते हुए कहा कि, "उनके घर के सामने रहने वाले एक व्यक्ति ने शासकीय रास्ते की जमीन पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर रखा है, जहाँ उसने अवैध चबूतरे के साथ-साथ छत के छज्जे का भी निर्माण करा लिया है।"
इस बात की शिकायत अधिवक्ता द्वारा नगर निगम में कई बार दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम की कुर्सी पर बैठे जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी सार्वजनिक रास्ते से अतिक्रमण हटाने के बजाय अवैध कब्जा करने वाले व्यक्ति को खुला संरक्षण दे रहे हैं। इसी उदासीनता और भ्रष्टाचार के विरोध स्वरूप उनके द्वारा नगर निगम उप आयुक्त को यह थाली सौंपी गई है।
📞 सीएम हेल्पलाइन में दर्ज कराई गई शिकायतें भी साबित हुईं बेअसर
अधिवक्ता विनय गुप्ता ने अपनी बात रखते हुए बताया कि वे छत्रपति नगर स्थित वार्ड क्रमांक 26 के निवासी हैं। उनके घर के बिल्कुल सामने एक परिवार के द्वारा शासकीय सड़क पर अवैध अतिक्रमण करके नाली के ऊपर चार फीट चौड़ा चबूतरा बनवा लिया गया है, जिसके कारण आम लोगों का आवागमन गंभीर रूप से बाधित होता है।
इसके अलावा मकान की छत का बारजा भी अवैध रूप से निकलवाया गया है। आज से 3 महीने पहले इस पूरे मामले की शिकायत पहली बार नगर निगम में की गई थी, जहाँ से केवल कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ। इसके बाद लगातार कई बार शिकायतें की गईं और यहाँ तक कि सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अधिकारियों ने बिना उचित कार्रवाई के ही शिकायतें बंद करवा दीं।
💸 "अतिक्रमणकारी के घर से पूरी-सब्जी खाकर और विदाई लेकर लौटती है निगम टीम"
नाराज अधिवक्ता ने तंज कसते हुए कहा कि आज तक नगर निगम के द्वारा इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जबकि उनके घर के सामने गंदगी का बड़ा अंबार लगा रहता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम की जांच टीम जब मौके पर जाती है, तो कार्रवाई करने के बजाय सीधे अतिक्रमणकारी के घर जाती है, वहाँ आराम से पूरी-पराठा और सब्जी खाती है और साथ ही 200 से 500 रुपए की 'विदाई' (सुविधा शुल्क) लेकर वापस लौट आती है।
इसी वजह से उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि यदि अधिकारियों को पूरी-सब्जी खिलाने और उनकी आरती उतारने से ही काम होना है, तो क्यों न वे खुद कार्रवाई की गुहार लगाने के लिए थाली में फूल-माला और खाना सजाकर सीधे नगर निगम कार्यालय पहुँच जाएं।
🗣️ उप आयुक्त का पक्ष: मौके पर गई थी टीम, जारी किया गया है नोटिस
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए नगर निगम के उप आयुक्त प्रकाश द्विवेदी ने कहा कि, "अधिवक्ता विनय गुप्ता कार्यालय आए थे, जिनका कहना था कि उनके घर के सामने एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रहती हैं, जिनके द्वारा अपने घर का छज्जा और चबूतरा बनाकर अवैध अतिक्रमण किया गया है। हाल ही में हमारी अतिक्रमण विरोधी टीम जाँच करने मौके पर गई थी, जहाँ दोनों पक्षों के भवन अनुज्ञा (परमिशन) की जाँच की गई। जाँच के दौरान यह बात सामने आई कि दोनों पक्षों के पास निर्माण की कोई वैध परमिशन नहीं थी।"
उन्होंने आगे बताया कि मौके पर विधिवत जाँच की गई और विनय गुप्ता की शिकायत के आधार पर अतिक्रमणकारी के घर की नाप-जोक भी कराई गई है, साथ ही अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश देते हुए नोटिस भी जारी कर दिया गया है। जल्द ही इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी ने यह भी माना कि विरोध दर्ज कराने के अनोखे तरीके के तहत वे आरती उतारने के उद्देश्य से थाली लेकर कार्यालय आए थे।
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