रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी में एबीवीपी का जोरदार प्रदर्शन, 3 घंटे तक कुलगुरु कार्यालय में दिया धरना
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (जबलपुर) में लॉ विभाग की जर्जर इमारत और छात्रवृत्ति के मुद्दों को लेकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कुलगुरु कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया।
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) में छात्रों की विभिन्न समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कुलगुरु कार्यालय में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। यह धरना-प्रदर्शन करीब तीन घंटे तक लगातार जारी रहा।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के कुलगुरु को 7 सूत्रीय मांगों का एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा, जिसमें मुख्य रूप से लॉ विभाग की जर्जर इमारत, पिछले दो वर्षों से लंबित पड़ी छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप), मनमाने तरीके से बढ़ाई गई फीस, परीक्षा परिणामों में हो रही भारी देरी और एनसीसी इकाई के निलंबन जैसे गंभीर मुद्दों को प्रमुखता के साथ उठाया गया।
🏛️ जर्जर हो चुकी है लॉ विभाग की इमारत, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कुलगुरु के सामने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि वे स्वयं एक बार लॉ विभाग का औचक निरीक्षण करें। उनका आरोप था कि विभाग की छत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, आए दिन प्लास्टर गिर रहा है और किसी भी समय कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
हालत यह है कि कक्षाओं में विद्यार्थियों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था तक नहीं है, जिसके कारण मजबूरी में स्टूडेंट्स को वेटिंग रूम में बैठकर अपनी पढ़ाई पूरी करनी पड़ रही है।
📈 सुविधाएं नदारद, लेकिन लगातार बढ़ाई जा रही है विभिन्न कोर्सेज की फीस
प्रांत मंत्री सुव्रत बांझल ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर कड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ तो कैंपस में बुनियादी सुविधाएं बिल्कुल नहीं बढ़ाई जा रही हैं, और दूसरी तरफ विभिन्न पाठ्यक्रमों की फीस में लगातार भारी बढ़ोतरी की जा रही है।
विश्वविद्यालय के कई शैक्षणिक विभाग आज भी आधुनिक प्रयोगशालाओं (लैब), स्मार्ट क्लासेज, डिजिटल संसाधनों और उच्च स्तरीय शोध सुविधाओं से पूरी तरह वंचित हैं।
🎖️ एनसीसी इकाई को जल्द बहाल करने और निष्पक्ष जांच की मांग
महानगर मंत्री आर्यन पुंज ने अपनी बात रखते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की एनसीसी इकाई लंबे समय से बंद पड़ी है, जिसके कारण विद्यार्थी नेतृत्व विकास, अनुशासन और देश की रक्षा सेवाओं से जुड़ने के बुनियादी अवसरों से वंचित हो रहे हैं।
उन्होंने पुरजोर मांग उठाई कि छात्रों की इन सभी समस्याओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और एक निश्चित समयसीमा के भीतर उनका संतोषजनक समाधान किया जाए।
⚠️ चेतावनी: मांगें पूरी नहीं हुईं तो और भी उग्र किया जाएगा आंदोलन
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन को खुली चेतावनी दी है कि यदि उनकी इन 7 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी यूनिवर्सिटी प्रशासन की होगी।
इस प्रदर्शन और धरने में ऐश्वर्या सोनकर, अनमोल सोनकर, शोभित मिश्रा, लखन मांझी, प्रफुल तिवारी, आशुतोष पटेल, सत्यम पटेल, तनिष्क पांडेय, आयुष बारी, आस्था खड़े, नैना सिंह और रुचि सोंधिया सहित बड़ी संख्या में आक्रोशित छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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