एनएससी आईपीओ में निवेश का आज आखिरी मौका; जानें सब्सक्रिप्शन स्टेटस, GMP और ब्रोकरेज की राय
देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE IPO में निवेश का आज अंतिम दिन है। 22,569 करोड़ रुपये के इस मेगा इश्यू का सब्सक्रिप्शन स्टेटस, लेटेस्ट GMP और रिस्क फैक्टर जानें।
देश के सबसे बड़े और प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आईपीओ में पैसा लगाने का आज अंतिम दिन है।
22,569 करोड़ रुपये के इस विशालकाय इश्यू को लेकर प्राइमरी मार्केट में काफी हलचल देखी जा रही है। बिडिंग के तीसरे और अंतिम दिन तक निवेशकों ने इसमें ठीक-ठाक रुचि दिखाई है। हालांकि, रिटेल निवेशकों की तरफ से अभी तक वह रफ्तार नहीं देखने को मिली है, जिसकी बाजार को उम्मीद थी। गौरतलब है कि यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित है। इसका अर्थ यह है कि आईपीओ से जुटाया गया पूरा पैसा कंपनी के खाते में न जाकर शेयर बेच रहे प्रमोटरों और मौजूदा शेयरधारकों के पास जाएगा।
📊 तीसरे दिन का सब्सक्रिप्शन हाल: NII और QIB कोटे में जमकर हुआ निवेश
बिडिंग के तीसरे दिन सुबह 10:30 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, इस इश्यू को कुल 1.46 गुना सब्सक्राइब किया जा चुका है।
कंपनी ने बिक्री के लिए कुल 8.86 करोड़ शेयर पेश किए हैं। इनमें से रिटेल निवेशकों के लिए 4.41 करोड़ शेयर आरक्षित (Reserve) किए गए थे, लेकिन अब तक रिटेल कोटा केवल 87 प्रतिशत ही भर सका है। दूसरी ओर, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) ने अपने हिस्से का 2.31 गुना और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का कोटा 1.83 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर तय किया है। एक लॉट में 8 शेयर शामिल हैं, जिसके लिए निवेशकों को कम से कम ₹14,280 का दांव लगाना होगा।
💸 ग्रे मार्केट में 3% प्रीमियम पर ट्रेडिंग: 24 सितंबर को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर होगी लिस्टिंग
शेयर बाजार में लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में इस आईपीओ का रिस्पॉन्स सामान्य बना हुआ है।
मौजूदा समय में एनएससी आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) करीब 3 फीसदी के आसपास ट्रेड कर रहा है। यह इसके अपर प्राइस बैंड ₹1,785 के मुकाबले लगभग ₹48 ऊपर चल रहा है। इस अनुमान के आधार पर शेयरों की लिस्टिंग ₹1,833 के आसपास होने की संभावना है, जिससे निवेशकों को लिस्टिंग वाले दिन एक सीमित या सामान्य मुनाफा मिल सकता है। कंपनी के शेयर 24 सितंबर को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट होंगे, जबकि शेयरों का अलॉटमेंट 22 सितंबर को फाइनल होने की पूरी उम्मीद है।
🏦 दिग्गज ब्रोकरेज फर्मों ने दी 'Subscribe' की सलाह: वैल्युएशन के मामले में rival BSE से सस्ता
बाजार की ज्यादातर ब्रोकरेज और रिसर्च फर्म इस आईपीओ को लेकर काफी सकारात्मक रुख अपना रही हैं।
एंजेल वन और एलकेपी सिक्योरिटीज जैसी नामी ब्रोकरेज फर्मों ने निवेशकों को लंबी अवधि के लिए इसे 'सब्सक्राइब' करने की सिफारिश की है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैल्युएशन के दृष्टिकोण से एनएससी अपने निकटतम प्रतिस्पर्धी BSE की तुलना में काफी आकर्षक और सस्ते दाम पर उपलब्ध हो रहा है। भारत के कैश मार्केट में NSE की एकछत्र 93 फीसदी हिस्सेदारी है। मजबूत ऑपरेटिंग मार्जिन के साथ-साथ सबसे बड़ी खूबी यह है कि कंपनी पूरी तरह से कर्ज मुक्त (Debt-Free) है।
⚠️ निवेश से पहले समझें जोखिम: ऑप्शंस ट्रेडिंग से आता है कमाई का बड़ा हिस्सा
आईपीओ में पैसा लगाने से पहले कंपनी से जुड़े रिस्क फैक्टर्स (Risk Factors) को ध्यान में रखना भी बेहद आवश्यक है।
कंपनी के हालिया वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2026 में इसका कुल रेवेन्यू 3.1 फीसदी गिरकर ₹16,601 करोड़ रहा है। वहीं, शुद्ध मुनाफा भी घटकर ₹10,302 करोड़ पर आ गया है (जो पिछले वित्त वर्ष में ₹12,188 करोड़ था)। हालांकि, मुनाफा घटने के बावजूद कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन काफी मजबूत बना हुआ है। एनएससी की कुल कमाई का लगभग 78.7 प्रतिशत हिस्सा केवल ट्रांजैक्शन चार्ज से आता है, जिसमें सबसे बड़ा योगदान 'ऑप्शंस ट्रेडिंग' (Options Trading) का है। ऐसे में सेबी या सरकार द्वारा डेरिवेटिव्स और ऑप्शंस मार्केट के नियमों में कोई भी बदलाव कंपनी की आय को सीधे प्रभावित कर सकता है।
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