माता-पिता की हत्या करने वाले प्रेमी को कोर्ट ने सुनाई दोहरे आजीवन कारावास की सजा
इंदौर की सेशन कोर्ट ने नाबालिग प्रेमिका के साथ मिलकर माता-पिता की हत्या करने वाले प्रेमी धनंजय यादव को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जानिए पूरा मामला।
इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में एक नाबालिग प्रेमिका के साथ मिलकर उसके माता-पिता की जघन्य हत्या करने वाले हत्यारे प्रेमी को सेशन कोर्ट ने दोहरे आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। यह मामला पुलिस द्वारा चिह्नित प्रकरणों की सूची में शामिल था और इसकी लगातार प्रतिमाह समीक्षा भी की जा रही थी।
हत्यारे का नाम डीजे उर्फ धनंजय उर्फ शुभांषु यादव है, जो गांधीनगर का निवासी है। कोर्ट ने हत्यारे पर 33 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस पूरे प्रकरण में अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक आरती भदौरिया ने पैरवी की।
🩸 वारदात की रात: जब खून से लथपथ मिले माता-पिता
यह सनसनीखेज वारदात 16 दिसंबर 2020 की रात की है। रूकमणी नगर निवासी 18 वर्षीय फरियादी ऋषभ शर्मा ने एरोड्रम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी माता नीलम शर्मा और पिता ज्योतिप्रसाद शर्मा की बेरहमी से हत्या कर दी है। ऋषभ ने बताया कि वह अपने माता-पिता और छोटी बहन के साथ रहता था, जबकि उसके दादा-दादी पास के ही घर में रहते थे।
16 दिसंबर की रात ऋषभ अपने दादा-दादी के यहाँ सोया था। सुबह करीब आठ बजे जब उसने देखा कि उसके माता-पिता के घर के बाहर ताला लगा है, तो खिड़की से झांकने पर उसे अपने माता-पिता खून से लथपथ दिखाई दिए। ताला तोड़कर भीतर जाने पर पता चला कि किसी ने धारदार हथियार से उनके सिर और शरीर पर वार कर हत्या कर दी थी। उस समय घर से छोटी बहन भी गायब थी।
📜 साजिश का खुलासा: मौके पर मिला नाबालिग बेटी का सुसाइड नोट
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान मृतक के घर से ही उनकी नाबालिग बेटी की एक कॉपी का पेज मिला, जिस पर लिखा था, "मैंने ही अपने माता-पिता को मारा है, मुझे ढूंढने का प्रयास न किया जाए।" यह नोट जानबूझकर भ्रम फैलाने के लिए लिखा गया था।
📹 सीसीटीवी फुटेज से खुला हत्यारे का चेहरा
विशेष लोक अभियोजक भदौरिया ने बताया कि पुलिस ने घर के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें नाबालिग बेटी के अलावा एक अन्य संदिग्ध युवक घर के अंदर आते-जाते दिखाई दिया। पूछताछ में मृतकों के परिजनों ने पहचान की कि यह युवक नाबालिग बेटी का दोस्त धनंजय है। पुलिस ने जब दोनों को पकड़ा, तो उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। जांच में घटनास्थल पर दरवाजे पर लगी 'चिंगम' से हत्यारे धनंजय के स्वाव (स्वैब) का मिलान भी कराया गया था।
उपनिदेशक अभियोजन राजेंद्रसिंह भदौरिया ने बताया कि सेशन जज हेमंतकुमार रघुवंशी ने इस गंभीर प्रकरण में निर्णय सुनाते हुए हत्यारे धनंजय को दोहरे आजीवन कारावास और 33 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं, नाबालिग बेटी के विरुद्ध बाल न्यायालय में प्रकरण चलाया गया।
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